छोटे बच्चों के लिए पाठ योजना बनाते समय अध्यापिका ने समग्र भौतिक प्रतिक्रिया…
2023
छोटे बच्चों के लिए पाठ योजना बनाते समय अध्यापिका ने समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (टीपीआर) विधि पर ध्यान केन्द्रित करने का निर्णय लिया । पाठ में समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (टीपीआर) शामिल करने के लिए अध्यापिका को निम्नलिखित में से क्या करना चाहिए ?
- A.
गतिविधि न करवा कर प्रश्न पूछे जाएँ और उत्तर देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए ।
- B.
कक्षा में कुछ शारीरिक गतिविधियाँ करनी चाहिए।
- C.
ऐसी गतिविधियाँ करवाएँ जो अपनी-अपनी सीट पर बैठे-बैठे हो सकें और जोड़ों या समूह में काम करने के मौके दें ।
- D.
कक्षा में कुछ श्रवण संबंधी गतिविधियाँ करवायी जाएँ ।
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Correct answer: B
समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (Total Physical Response - टीपीआर), जेम्स आशर द्वारा विकसित भाषा-शिक्षण की एक विधि है, जो भाषा-अर्जन को शारीरिक गति से जोड़ती है। यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि बच्चे अपनी प्रथम भाषा भी बोलना शुरू करने से पहले निर्देशों पर शारीरिक रूप से प्रतिक्रिया देकर सीखते हैं, इसलिए भाषा-शिक्षण को शारीरिक क्रिया के साथ जोड़ना छोटे बच्चों के लिए सीखने को स्वाभाविक और तनावरहित बना देता है।
अतः पाठ में टीपीआर को शामिल करने के लिए अध्यापिका को कक्षा में विद्यार्थियों से शारीरिक गतिविधियाँ करवानी चाहिए (जैसे भाषा-निर्देशों के अनुसार चलना, हाथ हिलाना या वस्तुएँ उठाना), ताकि भाषा को क्रिया से जोड़ा जाए, न कि केवल मौखिक स्तर पर रखा जाए।
बिना किसी गतिविधि के केवल प्रश्नोत्तर करने वाला दृष्टिकोण संवाद को मौखिक ही रखता है, इसमें कोई शारीरिक-गति घटक नहीं है।
अपनी-अपनी सीट पर बैठे-बैठे जोड़ी या समूह में की जाने वाली गतिविधियों के विवरण में भाषा-निर्देश पर किसी शारीरिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
केवल श्रवण-आधारित गतिविधियाँ सुनकर समझ विकसित करती हैं, इनमें भी शारीरिक-प्रतिक्रिया का तत्व नहीं है।
केवल कक्षा में शारीरिक गतिविधियाँ करवाना ही भाषा को गति से जोड़ता है — जो टीपीआर का मूल सिद्धांत है — इसलिए अध्यापिका को यही करना चाहिए।