पठन के तरीकों का, पाठक को क्या करना चाहिए, से मिलान कीजिए: क्रम पठन का तरीका A…
2023

पठन के तरीकों का, पाठक को क्या करना चाहिए, से मिलान कीजिए:
क्रम | पठन का तरीका |
|---|---|
A | अनुमान |
B | निष्कर्ष निकालना |
C | संदर्भ से जोड़कर अर्थ निकालना |
D | गहन पठन |
E | पाठ्य-वस्तु के संयोजन की पहचान |
क्रम | पाठक को क्या करना चाहिए |
|---|---|
i | लेखक कैसे लिखते हैं, इसके आधार पर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लेखक क्या महसूस करते हैं। |
ii | अपरिचित शब्दों को समझने के लिए पाठ्य-सामग्री के कुछ हिस्सों से मदद लेनी चाहिए। |
iii | शीर्ष कथन या प्रस्तावना पर ध्यान देते हुए यह देखना चाहिए कि सूचनाएँ किस तरह से संरचित की गई हैं। |
iv | पाठ्य-वस्तु में भाषा का किस तरह प्रयोग किया गया है, इस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। |
v | पाठ्य-सामग्री किस बारे में है, यह जानने के लिए शीर्षकों और चित्रों का प्रयोग करना चाहिए। |
- A.
A-iv, B-iii, C-ii, D-i, E-v
- B.
A-v, B-i, C-ii, D-iv, E-iii
- C.
A-i, B-iv, C-v, D-ii, E-iii
- D.
A-ii, B-i, C-iii, D-iv, E-v
Show answer & explanation
Correct answer: B
अवधारणा:
पठन-बोध शिक्षाशास्त्र में कई भिन्न पठन-रणनीतियाँ होती हैं, जिनमें से प्रत्येक की एक विशिष्ट पाठक-क्रिया परिभाषित होती है: पढ़ने से पहले विषय का अनुमान लगाना, लेखक के भाव/मंतव्य का निष्कर्ष निकालना, आसपास के संदर्भ से शब्दों का अर्थ निकालना, भाषा-प्रयोग पर ध्यान देते हुए गहनता से पढ़ना, और सूचना किस तरह संरचित है यह पहचानना। इस प्रकार के मिलान प्रश्न को हल करने के लिए प्रत्येक रणनीति की अपनी परिभाषित क्रिया को उस पाठक-कार्य से मिलाना होता है जो उसका वर्णन करता है — क्रम का अनुमान लगाकर नहीं।
अनुप्रयोग:
अनुमान (A) पढ़ने से पहले पाठ्य-सामग्री के सामान्य विषय का अटकल लगाता है, आमतौर पर शीर्षकों और चित्रों की मदद से — यह "पाठ्य-सामग्री किस बारे में है यह जानने के लिए शीर्षकों और चित्रों का प्रयोग करना" (v) से मेल खाता है। अतः A-v।
निष्कर्ष निकालना (B) का संबंध लेखक के लिखने के ढंग से यह अनुमान लगाने से है कि लेखक क्या महसूस करता है — यह "लेखक कैसे लिखते हैं, इसके आधार पर यह सुनिश्चित करना कि लेखक क्या महसूस करते हैं" (i) से मेल खाता है। अतः B-i।
संदर्भ से जोड़कर अर्थ निकालना (C) विशेष रूप से आसपास के पाठ की मदद से अपरिचित शब्दों को समझने से संबंधित है — यह "अपरिचित शब्दों को समझने के लिए पाठ्य-सामग्री के कुछ हिस्सों से मदद लेना" (ii) से मेल खाता है। अतः C-ii।
गहन पठन (D) पाठ्य-वस्तु में प्रयुक्त भाषा पर बारीकी से ध्यान केंद्रित करता है — यह "पाठ्य-वस्तु में भाषा का किस तरह प्रयोग किया गया है, इस पर ध्यान केंद्रित करना" (iv) से मेल खाता है। अतः D-iv।
पाठ्य-वस्तु के संयोजन की पहचान (E) यह पहचानने से संबंधित है कि सूचना किस तरह संरचित है, आमतौर पर शीर्षकों/प्रस्तावना के माध्यम से — यह "शीर्ष कथन या प्रस्तावना पर ध्यान देते हुए यह देखना कि सूचनाएँ किस तरह से संरचित की गई हैं" (iii) से मेल खाता है। अतः E-iii।
क्रॉस-चेक:
पाँचों पाठक-कार्यों (i-v) में से प्रत्येक का प्रयोग ठीक एक बार हुआ है, कोई दोहराव नहीं — यह एक वैध एक-से-एक मिलान की पुष्टि करता है: A-v, B-i, C-ii, D-iv, E-iii — जो सही विकल्प में दिए गए क्रम के बिल्कुल अनुरूप है।