भाषा के कौन से कौशल ग्राह्य कौशल हैं?
2024
भाषा के कौन से कौशल ग्राह्य कौशल हैं?
- A.
श्रवण और बोलना
- B.
बोलना और लेखन
- C.
पठन और लेखन
- D.
श्रवण और पठन
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Correct answer: D
भाषा-कौशलों को दो व्यापक वर्गों में बाँटा जाता है — ग्राह्य कौशल (Receptive Skills) और अभिव्यक्तिपरक/उत्पादक कौशल (Productive Skills)। ग्राह्य कौशल वे हैं जिनमें शिक्षार्थी किसी बाहरी स्रोत से भाषा को ग्रहण करके समझता है (इनपुट), जबकि उत्पादक कौशल में शिक्षार्थी स्वयं भाषा का सृजन करके अभिव्यक्ति देता है (आउटपुट)।
इस आधार पर श्रवण (सुनकर समझना) और पठन (पढ़कर समझना) — दोनों में शिक्षार्थी की मुख्य क्रिया 'ग्रहण करना' है, स्वयं भाषा उत्पन्न करना नहीं। इसीलिए ये दोनों ग्राह्य कौशल की श्रेणी में आते हैं। इसके विपरीत, बोलना और लेखन में शिक्षार्थी स्वयं भाषा का सृजन करता है, अतः ये उत्पादक कौशल कहलाते हैं।
श्रवण और बोलना — इस युग्म में बोलना एक उत्पादक कौशल है, इसलिए यह युग्म पूर्णतः ग्राह्य श्रेणी में नहीं आता।
बोलना और लेखन — दोनों ही उत्पादक (अभिव्यक्तिपरक) कौशल हैं, अतः यह युग्म ग्राह्य कौशल का उदाहरण नहीं है।
पठन और लेखन — इसमें लेखन एक उत्पादक कौशल है, इसलिए यह युग्म भी पूर्णतः ग्राह्य श्रेणी में फिट नहीं बैठता।
श्रवण और पठन — दोनों में विद्यार्थी सूचना ग्रहण करता है (सुनकर या पढ़कर समझना), स्वयं उत्पन्न नहीं करता — इसलिए यह युग्म ग्राह्य कौशल की परिभाषा को पूर्ण रूप से संतुष्ट करता है।
अतः, श्रवण और पठन ग्राह्य कौशल (Receptive Skills) हैं।