निम्नलिखित में अभिवृत्त्यात्मक उद्देश्य है
20172021
निम्नलिखित में अभिवृत्त्यात्मक उद्देश्य है
- A.
धैर्यपूर्वक सुनना
- B.
साहित्य का रसास्वादन करना
- C.
भाषा और साहित्य में रुचि
- D.
स्वानुभूत विचारों व भावों को अभिव्यक्त करना
Attempted by 8 students.
Show answer & explanation
Correct answer: C
अवधारणा
शिक्षण के उद्देश्यों को सामान्यतः तीन प्रमुख क्षेत्रों में बाँटा जाता है — ज्ञानात्मक, कौशलात्मक, तथा भावात्मक या अभिवृत्त्यात्मक उद्देश्य। भावात्मक/अभिवृत्त्यात्मक पक्ष का सीधा सम्बन्ध विद्यार्थी की अभिवृत्तियों, रुचियों, भावनाओं तथा जीवन-मूल्यों के विकास से होता है — अर्थात् वह उद्देश्य जो विषय के प्रति विद्यार्थी के भीतर एक सकारात्मक झुकाव व लगाव उत्पन्न करता है, न कि केवल उसका ज्ञान बढ़ाता है या कोई कौशल सिखाता है। भाषा-शिक्षण में "रुचि उत्पन्न करना" इसी भावात्मक पक्ष का सबसे प्रत्यक्ष व मानक उदाहरण माना जाता है।
अनुप्रयोग (इस प्रश्न पर)
"भाषा और साहित्य में रुचि" उत्पन्न करना पूर्णतः विद्यार्थी के मन में विषय के प्रति एक स्थायी लगाव व सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने से सम्बन्धित है — यह न तो कोई ज्ञान है, न कोई कौशल, बल्कि विषय के प्रति एक आंतरिक झुकाव है। इसलिए यही विकल्प अभिवृत्त्यात्मक उद्देश्य की परिभाषा को सटीक रूप से पूर्ण करता है।
तुलना/विरोधाभास (अन्य विकल्प)
धैर्यपूर्वक सुनना — यह श्रवण-कौशल के अभ्यास व निष्पादन से जुड़ी क्रिया है, इसलिए यह कौशलात्मक उद्देश्य की श्रेणी में आता है।
साहित्य का रसास्वादन करना — यह साहित्यिक कृति की गहन समझ व बोध पर आधारित एक बोधात्मक प्रक्रिया है, जिसमें कृति को समझकर उसका आनंद लिया जाता है।
स्वानुभूत विचारों व भावों को अभिव्यक्त करना — यह मौखिक/लिखित अभिव्यक्ति-कौशल से सम्बन्धित क्रिया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी अपने विचार प्रकट करना सीखता है — यह भाषा-प्रयोग की एक दक्षता है।
अतः दिए गए विकल्पों में से केवल "भाषा और साहित्य में रुचि" ही अभिवृत्त्यात्मक उद्देश्य है।
(इस दोहराई गई परीक्षा-प्रश्न पर कुछ कोचिंग-स्रोतों में भिन्न उत्तर भी देखा गया है; परन्तु अभिवृत्त्यात्मक उद्देश्य की मानक परिभाषा — अभिवृत्तियाँ, रुचियाँ व जीवन-मूल्य — के अनुसार "रुचि" ही सर्वाधिक उपयुक्त व सुसंगत उत्तर है।)