उच्च प्राथमिक स्तर पर हिंदी भाषा शिक्षण का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है –
2021
उच्च प्राथमिक स्तर पर हिंदी भाषा शिक्षण का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है –
- A.
हिंदी भाषा की नियमबद्ध प्रकृति को पहचानना।
- B.
हिंदी भाषा के व्याकरण को कंठस्थ करना।
- C.
हिंदी भाषा के प्रसिद्ध रचनाकारों को जानना।
- D.
हिंदी भाषा की प्रसिद्ध रचनाओं को जानना।
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Correct answer: A
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और रचनावादी भाषा-शिक्षण दृष्टिकोण के अनुसार, भाषा-शिक्षण का उद्देश्य केवल सूचना अथवा नियमों को रटवाना नहीं, बल्कि शिक्षार्थी में भाषा की नियम-व्यवस्था को स्वयं पहचानने, विश्लेषित करने और उपयोग में लाने की क्षमता विकसित करना है। भाषा शब्द, वाक्य और प्रोक्ति तीनों स्तरों पर नियमों से बँधी होती है।
उच्च प्राथमिक स्तर पर हिंदी शिक्षण का यह महत्त्वपूर्ण उद्देश्य ठीक इसी सिद्धांत पर आधारित है — बच्चों को हिंदी भाषा की नियमबद्ध प्रकृति को पहचानने योग्य बनाना, ताकि वे स्वयं भाषा के नियमों का विश्लेषण कर सकें और नए संदर्भों में उनका उपयोग कर सकें। इसलिए दिया गया विकल्प सही उत्तर है।
शेष विकल्प भाषा-शिक्षण के आधुनिक उद्देश्यों से मेल नहीं खाते:
व्याकरण के नियमों को कंठस्थ करना रचनावादी दृष्टिकोण के विपरीत है; रटना समझ के बिना यांत्रिक स्मरण मात्र है, नियमों की सक्रिय पहचान नहीं।
प्रसिद्ध रचनाकारों को जानना साहित्यिक जानकारी का विषय है, भाषा-कौशल विकास का उद्देश्य नहीं।
प्रसिद्ध रचनाओं को जानना भी साहित्य-बोध से संबंधित है, भाषिक नियम-प्रणाली की पहचान से नहीं।
अतः उच्च प्राथमिक स्तर पर हिंदी शिक्षण का उद्देश्य है — हिंदी भाषा की नियमबद्ध प्रकृति को पहचानना।