भाषा शिक्षक में होना आवश्यक नहीं है
2016
भाषा शिक्षक में होना आवश्यक नहीं है
- A.
व्याकरण का ज्ञान
- B.
सुन्दर लेख
- C.
विषय और मूल्यांकन विधियों का ज्ञान
- D.
रसायनों का ज्ञान होना
Attempted by 4 students.
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Correct answer: D
अवधारणा: भाषा शिक्षण एक विशिष्ट कौशल-क्षेत्र है, जिसमें अध्यापक के लिए भाषा से सीधे जुड़ी सभी क्षमताएँ — जैसे व्याकरण की समझ, स्पष्ट व शुद्ध लेखन, तथा विषय-वस्तु व मूल्यांकन विधियों का ज्ञान — आवश्यक मानी जाती हैं, जबकि किसी असंबद्ध विषय (जैसे रसायन विज्ञान) की विशेषज्ञता आवश्यक नहीं है।
अनुप्रयोग: दिए गए विकल्पों में व्याकरण का ज्ञान, सुन्दर लेख, तथा विषय और मूल्यांकन विधियों का ज्ञान — तीनों ही भाषा शिक्षक के लिए आवश्यक दक्षताएँ मानी जाती हैं (क्रमशः शुद्ध भाषा-प्रयोग सिखाने, वर्तनी व लेखन का अनुकरणीय प्रतिरूप प्रस्तुत करने, तथा शिक्षण व मूल्यांकन के संचालन हेतु)। इसके विपरीत रसायनों का ज्ञान भाषा शिक्षण के किसी भी उद्देश्य से संबंधित नहीं है, इसलिए यही वह गुण है जो भाषा शिक्षक में होना आवश्यक नहीं है।
तुलनात्मक जाँच:
व्याकरण का ज्ञान — वाक्य-रचना और शुद्ध भाषा-प्रयोग सिखाने के लिए आवश्यक है; अतः यह अनावश्यक गुण नहीं है।
सुन्दर लेख — विद्यार्थियों के समक्ष वर्तनी व लेखन का शुद्ध, अनुकरणीय प्रतिरूप प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक गुण है; अतः यह अनावश्यक नहीं है।
विषय और मूल्यांकन विधियों का ज्ञान — शिक्षण-योजना बनाने और विद्यार्थियों की प्रगति के आकलन हेतु अनिवार्य दक्षता है; अतः आवश्यक ही है।
रसायनों का ज्ञान — भाषा शिक्षण के किसी भी उद्देश्य से संबंधित नहीं है, इसलिए यही एकमात्र ऐसा गुण है जो आवश्यक नहीं है।
अतः सही उत्तर "रसायनों का ज्ञान होना" है।