यहाँ एक ऐसी स्थिति दी जा रही है जहाँ विद्यार्थियों को विषय के प्रति समझ बनाने…
2024
यहाँ एक ऐसी स्थिति दी जा रही है जहाँ विद्यार्थियों को विषय के प्रति समझ बनाने के लिए विषय के विपरीत वाले दृष्टिकोण से परिचित करवाया जाता है। इस प्रक्रिया द्वारा विद्यार्थियों में किसके विकास का प्रयास किया जा रहा है?
- A.
समालोचनात्मक विश्लेषण
- B.
प्रक्रिया आधारित शिक्षणशास्त्र
- C.
समालोचनात्मक साक्षरता
- D.
साक्षरता विकास
Show answer & explanation
Correct answer: C
समालोचनात्मक साक्षरता (Critical Literacy) शिक्षणशास्त्र का वह उपागम है जिसमें विद्यार्थियों को किसी विषय-वस्तु या पाठ के प्रचलित दृष्टिकोण के साथ-साथ उसके विपरीत अथवा वैकल्पिक दृष्टिकोण से भी परिचित कराया जाता है, ताकि वे विषय को एकपक्षीय रूप से स्वीकार करने के बजाय अंतर्निहित मान्यताओं तथा दृष्टिकोणों की बहुलता को पहचान सकें और स्वतंत्र, तर्कसंगत निर्णय ले सकें।
प्रश्न में वर्णित स्थिति में विद्यार्थियों को विषय के विपरीत दृष्टिकोण से परिचित कराया जा रहा है, ताकि वे विषय को केवल एक दृष्टिकोण से न देखकर परस्पर-विरोधी दृष्टिकोणों के माध्यम से समझें। यह ठीक वही रणनीति है जो समालोचनात्मक साक्षरता की परिभाषा में निहित है — प्रचलित एवं विपरीत दृष्टिकोणों के बीच तुलना करके गहरी, बहु-आयामी समझ विकसित करना।
समालोचनात्मक विश्लेषण एक व्यापक बौद्धिक कौशल है जो तर्कों के गुण-दोषों का मूल्यांकन करता है, परंतु यह विशेष रूप से 'विपरीत दृष्टिकोण से परिचय' कराने की रणनीति को इंगित नहीं करता, जो समालोचनात्मक साक्षरता की विशिष्ट पहचान है।
प्रक्रिया आधारित शिक्षणशास्त्र शिक्षण को सीखने की प्रक्रिया (जैसे अन्वेषण, अभ्यास) के इर्द-गिर्द केंद्रित करने की शैली है; यह विषय के प्रति दृष्टिकोणों की बहुलता से सीधे संबंधित नहीं है।
साक्षरता विकास पढ़ने-लिखने की बुनियादी दक्षताओं के निर्माण से जुड़ा व्यापक लक्ष्य है, जो विपरीत दृष्टिकोणों के माध्यम से समझ बनाने की विशिष्ट रणनीति से भिन्न है।
अतः दी गई स्थिति में विद्यार्थियों में समालोचनात्मक साक्षरता (Critical Literacy) का विकास किया जा रहा है। (स्रोत: CTET जनवरी 2024, पेपर-II की आधिकारिक उत्तर कुंजी इसी विकल्प की पुष्टि करती है।)