भाषा की कक्षा में विद्यार्थी अध्यापक के निर्देशन में समूह बनाकर दिए गए टॉपिक…
2024
भाषा की कक्षा में विद्यार्थी अध्यापक के निर्देशन में समूह बनाकर दिए गए टॉपिक पर एक विज्ञापन प्रस्तुत करते हैं। इस तरीके से भाषा सीखना क्या कहलाता है?
- A.
सहयोगात्मक अधिगम
- B.
प्रतियोगिता और प्रतिद्वंद्विता
- C.
भाषायी खेल
- D.
निर्देशन और परामर्श
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Correct answer: A
अवधारणा
सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) एक शिक्षण-अधिगम रणनीति है जिसमें विद्यार्थी एक साझा कार्य/लक्ष्य को पूरा करने के लिए समूहों में मिलकर कार्य करते हैं, अध्यापक निर्देशक के बजाय मार्गदर्शक/सुविधादाता (facilitator) की भूमिका निभाता है, और ज्ञान का निर्माण संयुक्त रूप से — व्यक्तिगत रूप से या प्रतिस्पर्धा के माध्यम से नहीं — होता है।
अनुप्रयोग
प्रश्न में वर्णित स्थिति इस अवधारणा का प्रत्यक्ष उदाहरण है: विद्यार्थी अध्यापक के निर्देशन (मार्गदर्शन) में समूह बनाते हैं, प्रत्येक समूह एक साझा कार्य — दिए गए टॉपिक पर विज्ञापन तैयार करना और प्रस्तुत करना — पर मिलकर कार्य करता है, और परिणाम एक संयुक्त, समूह-निर्मित उत्पाद है। यही सहयोगात्मक अधिगम की केंद्रीय पहचान है।
तुलना एवं विरोधाभास
प्रतियोगिता और प्रतिद्वंद्विता में समूहों/व्यक्तियों के बीच किसी विजेता या रैंकिंग के लिए होड़ होती है — यहाँ ऐसा कोई तत्व नहीं है।
भाषायी खेल सामान्यतः छोटी, नियम-आधारित मनोरंजक अभ्यास गतिविधि होती है — यहाँ विस्तारित, परिणाम-उन्मुख समूह-कार्य है।
निर्देशन और परामर्श विद्यार्थी को व्यक्तिगत/शैक्षणिक समस्याओं में एक-से-एक सहायता देने की प्रक्रिया है, न कि समूह-शिक्षण की कोई विधि।
अतः विद्यार्थियों का समूह में मिलकर विज्ञापन तैयार करना व प्रस्तुत करना — जिसमें अध्यापक मार्गदर्शक की भूमिका में हो — सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) कहलाता है। (स्रोत: CTET जुलाई 2024, Paper-II आधिकारिक उत्तर कुंजी; NCERT द्वारा समूह-कार्य/प्रस्तुतीकरण को सहयोगात्मक अधिगम के रूप में परिभाषित किया गया है।)