उच्च प्राथमिक स्तर पर व्याकरण सिखाने की किस विधि को आप सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण…
2019
उच्च प्राथमिक स्तर पर व्याकरण सिखाने की किस विधि को आप सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण एवं उपयोगी पाते हैं?
- A.
आगमन विधि
- B.
निगमन विधि
- C.
पाठ्य-पुस्तकीय विधि
- D.
अनुवाद विधि
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Correct answer: A
अवधारणा: व्याकरण-शिक्षण की विधियों में मुख्य अंतर नियम और उदाहरण के क्रम का होता है। निगमन विधि में पहले नियम प्रस्तुत किया जाता है और फिर उदाहरणों की ओर बढ़ा जाता है, जबकि आगमन विधि में सावधानीपूर्वक चुने गए उदाहरणों या वाक्यों से आरंभ करके शिक्षार्थियों को अंतर्निहित व्याकरणिक नियम स्वयं खोजने के लिए प्रेरित किया जाता है।
अनुप्रयोग: उच्च प्राथमिक स्तर पर बच्चों की अवधारणात्मक परिपक्वता अभी विकसित हो रही होती है। इसलिए अमूर्त नियमों को रटने की अपेक्षा उदाहरणों पर आधारित सक्रिय खोज उनके लिए कहीं अधिक लाभकारी होती है। अनेक शुद्ध वाक्य प्रस्तुत करके विद्यार्थियों को उनमें निहित प्रतिरूप पहचानने के लिए मार्गदर्शन देना—जैसे क्रिया-अन्विति, काल-रचना तथा लिंग-वचन के नियम—नियम को स्वयं खोजा हुआ, मूर्त और स्मरणीय बनाता है। आगमन विधि यही सुविधा प्रदान करती है; अतः इस स्तर पर व्याकरण-शिक्षण के लिए इसे सर्वाधिक उपयोगी विधि माना जाता है।
तुलना/सत्यापन: निगमन विधि में पहले अमूर्त नियम बताया जाता है और उसके बाद विद्यार्थियों से उसका प्रयोग कराया जाता है। यह उन्नत शिक्षार्थियों के लिए अधिक त्वरित हो सकती है, किंतु नियम-प्रधान होने के कारण उन उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए कम रुचिकर होती है जिनकी अंतर्निहित अवधारणा अभी विकसित नहीं हुई है। पाठ्य-पुस्तकीय विधि निर्धारित पाठ्य-पुस्तक के गद्यांशों को पढ़ने और उनसे संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने पर आधारित होती है। इससे पठन-बोध विकसित होता है, किंतु व्याकरणिक नियमों को निष्कर्षित करने या सिखाने की कोई विशिष्ट प्रक्रिया उपलब्ध नहीं होती। अनुवाद विधि में मातृभाषा और लक्ष्य भाषा के बीच वाक्यों का अनुवाद करके व्याकरण सिखाया जाता है। यह शब्दावली तथा विभिन्न भाषाओं की वाक्य-संरचना की तुलना में उपयोगी है, किंतु अपने आप में भाषा-प्रयोग से व्याकरणिक नियम खोजने में सहायक नहीं होती। अतः चारों विधियों में केवल आगमन विधि ही वास्तविक भाषिक उदाहरणों से नियम की खोज को आयु-अनुकूल सक्रिय अधिगम के साथ जोड़ती है; इससे उच्च प्राथमिक स्तर पर इसकी सर्वाधिक उपयोगिता की पुष्टि होती है।