राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 भाषा को बच्चे के ______ का सबसे समृद्ध…
2021
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 भाषा को बच्चे के ______ का सबसे समृद्ध संसाधन मानती है ।
Answer: B. व्यक्तित्व — राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 भाषा-शिक्षण को केवल संप्रेषण-कौशल तक सीमित न रखकर, बालक के समग्र मनो-सामाजिक विकास — आत्म-बोध, विचार-निर्माण और…
- A.
अस्मिता
- B.
व्यक्तित्व
- C.
व्यवसाय
- D.
भाषा
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Correct answer: B
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 भाषा-शिक्षण को केवल संप्रेषण-कौशल तक सीमित न रखकर, बालक के समग्र मनो-सामाजिक विकास — आत्म-बोध, विचार-निर्माण और भावनात्मक अभिव्यक्ति — से जोड़कर देखती है। इस दृष्टिकोण के अनुसार भाषा, बालक के भीतर इन गुणों के विकास का एक अत्यंत समृद्ध संसाधन मानी जाती है, और रूपरेखा के मूल पाठ में इसके लिए एक विशिष्ट शब्द का प्रयोग हुआ है।
NCERT की दूर्वा भाग-2 के प्राक्कथन में ठीक यही कथन दर्ज है — भाषा को बच्चे के व्यक्तित्व का सबसे समृद्ध संसाधन माना जाता है। CTET जनवरी 2021, पेपर-2 (सेट M, हिंदी, प्रश्न 137) की आधिकारिक उत्तर कुंजी में भी विकल्प व्यक्तित्व को ही सही उत्तर के रूप में स्वीकृत किया गया है। अतः रिक्त स्थान की सही पूर्ति व्यक्तित्व शब्द से होती है — भाषा बच्चे के व्यक्तित्व के निर्माण और विकास का सबसे समृद्ध संसाधन है।
शेष विकल्पों की तुलना: अस्मिता (पहचान) NCF 2005 में भाषा से संबद्ध एक अन्य अवधारणा है, परन्तु मूल स्रोत-पाठ में यह विशिष्ट कथन व्यक्तित्व शब्द के साथ ही दर्ज है, अस्मिता के साथ नहीं। व्यवसाय भाषा को आर्थिक/रोज़गार-परक उपयोगिता से जोड़ता है, जबकि यह कथन बालक के मनो-सामाजिक विकास पर केंद्रित है, आर्थिक उपार्जन पर नहीं। भाषा को रिक्त स्थान में रखने पर वाक्य स्वयं-संदर्भी (circular) हो जाता है, क्योंकि तब भाषा को भाषा के ही संसाधन के रूप में परिभाषित किया जाएगा।