दीप्ति ने आठवीं कक्षा के बच्चों को समान भाव वाली कविता खोज कर सुनाने के लिए…
2021
दीप्ति ने आठवीं कक्षा के बच्चों को समान भाव वाली कविता खोज कर सुनाने के लिए कहा। इसका प्रमुख कारण है –
- A.
बच्चों को समान भाव का अर्थ समझाना।
- B.
बच्चों की श्रवण-प्रक्रिया का आकलन करना।
- C.
बच्चों का मनोरंजन करना।
- D.
बच्चों के बोध स्तर का आकलन करना।
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Correct answer: D
भाषा-शिक्षण में किसी गतिविधि का आकलन-प्रयोजन उसके ऊपरी स्वरूप (सुनना, बोलना, पाठ करना) से नहीं, बल्कि उस संज्ञानात्मक कौशल से तय होता है जो गतिविधि बच्चों से माँगती है। जब शिक्षक बच्चों से कई कविताओं में से समान भाव (भावनात्मक अंतर्वस्तु) पहचानकर मिलान करने को कहता है, तो यह कार्य बच्चों के बोध-स्तर—अर्थात् पाठ की भावनात्मक/विषयगत सामग्री को समझने और तुलना करने की क्षमता—का आकलन करता है।
दीप्ति की गतिविधि में बच्चों को पहले हर कविता का भाव समझना होगा, फिर विभिन्न कविताओं के भावों की आपस में तुलना कर समान भाव वाली कविता चुननी होगी, और अंत में उसे सुनाना होगा। यह बहु-चरणीय प्रक्रिया केवल शब्दों को सुनने या दोहराने से कहीं आगे जाकर यह जाँचती है कि बच्चे कविता के भाव को वास्तव में समझ (बोध) पाए हैं या नहीं—इसीलिए यह गतिविधि बच्चों के बोध-स्तर का आकलन करने के प्रयोजन से कराई गई है।
समान भाव का अर्थ समझाना शिक्षक का कार्य होता, जबकि यहाँ बच्चे स्वयं भाव पहचानकर मिलान कर रहे हैं—अर्थ-व्याख्या इस गतिविधि का केंद्र नहीं है।
श्रवण-प्रक्रिया का आकलन तब होता जब बच्चों से केवल यह जाँचा जाता कि उन्होंने पढ़ी/सुनी गई पंक्तियाँ ठीक से सुनीं या नहीं; यहाँ माँग भावों की तुलना और चयन की है, केवल श्रवण की नहीं।
कविता सुनाना आनंददायक हो सकता है, पर गतिविधि का प्रयोजन मनोरंजन कराना नहीं बल्कि भाव-पहचान की जाँच करना है, इसलिए यह विकल्प गतिविधि के मूल उद्देश्य को नहीं दर्शाता।
इसलिए, यह गतिविधि बच्चों के बोध-स्तर का आकलन करने के उद्देश्य से कराई गई है।