विद्यार्थियों ने वर्णनात्मक कौशल का प्रयोग करना सीखा है या नहीं, इस बात का…
2023
विद्यार्थियों ने वर्णनात्मक कौशल का प्रयोग करना सीखा है या नहीं, इस बात का आकलन करने के लिए अध्यापक को विद्यार्थियों को क्या करने के लिए कहना चाहिए?
- A.
एक ऐसी घटना साझा करो जब तुम्हें बहुत अचंभा हुआ हो।
- B.
पाठ्य-वस्तु में आए क्रिया और विशेषण शब्दों पर गोल घेरा लगाओ।
- C.
वर्णन करने वाले शब्दों के प्रयोग में हुई ग़लतियों को सही करो।
- D.
कहानी पढ़ो और बोध आधारित प्रश्नों के उत्तर दो।
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Correct answer: A
अवधारणा
किसी वर्णनात्मक/भाषा-कौशल के वास्तव में सीखे जाने का आकलन करने के लिए, मूल्यांकन कार्य में विद्यार्थी को उस कौशल का स्वयं प्रयोग (उत्पादन) करना आवश्यक होता है — केवल किसी और के लिखे पाठ में उस कौशल के उदाहरण पहचानना, सुधारना या समझना पर्याप्त नहीं है। रचनावादी/संप्रेषणात्मक भाषा-शिक्षण में उत्पादन-आधारित कार्य ही कौशल-अर्जन की वैध जाँच माने जाते हैं, न कि पहचान, सुधार या बोध जैसे निम्न-क्रम के कार्य।
अनुप्रयोग
इस प्रश्न में चारों विकल्पों को इसी सिद्धांत पर परखें: किसी अचंभित करने वाली घटना को अपने शब्दों में साझा करने के लिए विद्यार्थी को स्वयं वर्णनात्मक शब्द, भाव व विवरण गढ़ने पड़ते हैं — यह एक उत्पादन कार्य है, जो सीधे यह जाँचता है कि विद्यार्थी ने वर्णनात्मक कौशल का प्रयोग करना सीखा है या नहीं।
तुलना
पाठ्य-वस्तु में आए क्रिया व विशेषण शब्दों पर गोला लगाना केवल एक पहचान-आधारित कार्य है — इसमें विद्यार्थी को नए वर्णनात्मक शब्द गढ़ने नहीं पड़ते, केवल पहले से मौजूद शब्दों को चिन्हित करना होता है।
वर्णन करने वाले शब्दों के प्रयोग में हुई ग़लतियाँ सुधारना एक संपादन (सुधार-आधारित) कार्य है — यह किसी और द्वारा पहले से लिखे गए पाठ पर काम करता है, स्वतंत्र उत्पादन पर नहीं।
कहानी पढ़कर बोध-आधारित प्रश्नों के उत्तर देना पठन-बोध कौशल की जाँच करता है, वर्णनात्मक भाषा के उत्पादन की नहीं।
अतः चारों कार्यों में से केवल घटना साझा करने वाला कार्य ही विद्यार्थी से वर्णनात्मक भाषा का स्वतंत्र उत्पादन करवाता है, जिससे यह वर्णनात्मक कौशल के वास्तविक अधिगम का सही आकलन करने वाला कार्य है।