आठवीं कक्षा में हिंदी भाषा सीखने-सिखाने के लिए आप किस सामग्री को सर्वाधिक…
2021
आठवीं कक्षा में हिंदी भाषा सीखने-सिखाने के लिए आप किस सामग्री को सर्वाधिक महत्त्व देंगे?
- A.
पाठ्य-पुस्तक
- B.
साहित्यिक सामग्री
- C.
व्याकरण की पुस्तक
- D.
पोस्टर
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Correct answer: B
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) पर आधारित भाषा-शिक्षणशास्त्र के अनुसार, भाषा-दक्षता केवल एक निर्धारित पाठ्य-पुस्तक तक सीमित रहने से नहीं, बल्कि विविध, सार्थक और संदर्भ-सहित भाषिक सामग्री के निरंतर संपर्क से विकसित होती है। कहानियाँ, कविताएँ और अन्य रचनात्मक साहित्यिक रचनाएँ शब्द-भंडार, वाक्य-संरचना की समझ और अभिव्यक्ति-कौशल को सबसे स्वाभाविक एवं व्यापक ढंग से पुष्ट करती हैं।
आठवीं कक्षा में हिंदी भाषा सीखने-सिखाने के संदर्भ में विद्यार्थियों को श्रवण, भाषण, वाचन और लेखन — इन चारों भाषा-कौशलों (LSRW) में दक्ष बनाने के लिए ऐसी सामग्री आवश्यक होती है जो स्वाभाविक एवं संदर्भपूर्ण भाषा-प्रयोग प्रस्तुत करे। साहित्यिक सामग्री (कहानी, कविता, निबंध आदि) यह भूमिका सर्वाधिक प्रभावी ढंग से निभाती है, क्योंकि यह विद्यार्थियों को व्यापक शब्दावली, विविध वाक्य-रचनाओं और सांस्कृतिक संदर्भों से परिचित कराती है, जिससे भाषा की समझ स्वाभाविक रूप से विकसित होती है।
पाठ्य-पुस्तक: पाठ्यक्रम-निर्धारित विषयवस्तु के अनुसार संरचित होती है और इसका दायरा निर्धारित इकाइयों तक सीमित रहता है।
व्याकरण की पुस्तक: भाषा के नियमों और औपचारिक वाक्य-संरचना पर केंद्रित रहती है, जबकि सतत एवं सृजनात्मक भाषा-प्रयोग का अवसर तुलनात्मक रूप से सीमित होता है।
पोस्टर: दृश्य सहायता के रूप में उपयोगी होता है, किंतु विस्तृत एवं क्रमबद्ध भाषिक अभ्यास की मात्रा तुलनात्मक रूप से सीमित रहती है।
अतः, विविध एवं संदर्भ-सहित भाषा-अनुभव प्रदान करने की व्यापक क्षमता के कारण साहित्यिक सामग्री को सर्वाधिक महत्त्व दिया जाना पेडागॉजिक रूप से उपयुक्त है। यह निष्कर्ष CTET जनवरी 2021 पेपर-II (सेट M, हिंदी कोड 02, प्रश्न 111) की आधिकारिक उत्तर कुंजी से भी पुष्ट होता है।