प्रधान अध्यापिका ने भाषा अध्यापक को नए सत्र के लिए पाठ्य-पुस्तकों तथा अन्य…
2023
प्रधान अध्यापिका ने भाषा अध्यापक को नए सत्र के लिए पाठ्य-पुस्तकों तथा अन्य संसाधनों का चयन करने के लिए कहा। इनका चयन करते समय, निम्नलिखित में से एक प्रासंगिक नहीं है :
- A.
पुस्तकों और संसाधनों की अनुकूलनता
- B.
बच्चों की अधिगम आवश्यकताएँ और उन्हें आने वाली भाषाएँ
- C.
विद्यार्थियों का स्तर
- D.
सामग्री की अवधारणात्मक जटिलता और गहनता
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Correct answer: D
अवधारणा: NCF 2005 के रचनात्मकवादी (constructivist) दृष्टिकोण के अनुसार, भाषा-शिक्षण हेतु पाठ्यपुस्तकों और संसाधनों का चयन मुख्यतः शिक्षार्थी-केंद्रित मानदंडों पर आधारित होना चाहिए — जैसे बच्चों की अधिगम आवश्यकताएँ, उनका पूर्व भाषिक भंडार, उनका कक्षा/विकासात्मक स्तर, तथा सामग्री की कक्षा-संदर्भ के अनुसार अनुकूलनशीलता — न कि सामग्री के स्वयं के किसी आंतरिक गुण (जैसे उसकी बौद्धिक जटिलता) पर।
पुस्तकों और संसाधनों की अनुकूलनता — प्रासंगिक है, क्योंकि शिक्षक को सामग्री को कक्षा के संदर्भ के अनुरूप ढालने में सक्षम होना चाहिए।
बच्चों की अधिगम आवश्यकताएँ और उन्हें आने वाली भाषाएँ — प्रासंगिक है, क्योंकि NCF बच्चे के मौजूदा भाषिक भंडार पर आधारित शिक्षण पर बल देता है।
विद्यार्थियों का स्तर — प्रासंगिक है, क्योंकि सामग्री विद्यार्थियों की विकासात्मक अवस्था के अनुरूप होनी चाहिए।
सामग्री की अवधारणात्मक जटिलता और गहनता — यह सामग्री का एक आंतरिक गुण है, शिक्षार्थी-केंद्रित चयन-मानदंड नहीं; आधिकारिक CTET (अगस्त 2023, पेपर-2, सेट E, प्रश्न 104) उत्तर कुंजी के अनुसार यही कारक प्रासंगिक नहीं माना गया है।
पहले तीन कारक (अनुकूलनता; बच्चों की आवश्यकताएँ और भाषाएँ; विद्यार्थियों का स्तर) सभी बच्चे और कक्षा-संदर्भ पर केंद्रित हैं।
चौथा कारक (अवधारणात्मक जटिलता और गहनता) सामग्री की विषय-वस्तु पर केंद्रित है, बच्चे पर नहीं — इसलिए यह शेष तीन मानदंडों की मुख्यधारा से भिन्न है।
अतः, पाठ्यपुस्तकों तथा अन्य संसाधनों के चयन में जो कारक प्रासंगिक नहीं है, वह है — सामग्री की अवधारणात्मक जटिलता और गहनता।