बच्चों के अपने समुदाय में दूसरों के साथ अनौपचारिक अन्तःक्रियाएँ, मित्रता और…
2023
बच्चों के अपने समुदाय में दूसरों के साथ अनौपचारिक अन्तःक्रियाएँ, मित्रता और संबंध बनाना भाषा के किस स्वरूप के प्रयोग पर आधारित होते हैं ?
- A.
अनुकूलन
- B.
आत्मसात्करण (एसीमिलेशन)
- C.
भाषा सामाजीकरण
- D.
सांस्कृतिकरण (एनकल्चरेशन)
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Correct answer: C
अवधारणा: भाषा सामाजीकरण (Language Socialization) समाजभाषाविज्ञान की वह अवधारणा है जिसके अनुसार बच्चा भाषा को अलग से नहीं सीखता, बल्कि समुदाय में रोज़मर्रा की अनौपचारिक बातचीत में भाग लेते हुए सीखता है — इस प्रक्रिया में वह एक साथ (i) भाषा का प्रयोग करना और (ii) भाषा के माध्यम से सामाजिक नियम, भूमिकाएँ और संबंध बनाना सीखता है। यह सामान्य अनुकूलन, आत्मसात्करण या सांस्कृतिकरण की तुलना में कहीं अधिक विशिष्ट है, क्योंकि यह भाषा-प्रयोग को ही सामाजिक बंधन बनाने का प्रत्यक्ष माध्यम मानता है।
अनुप्रयोग: प्रश्न में वर्णित प्रक्रिया — बच्चों का अपने समुदाय में दूसरों के साथ अनौपचारिक अन्तःक्रियाएँ करना, मित्रता बनाना और संबंध विकसित करना — ठीक इसी परिभाषा से मेल खाती है: बच्चा भाषा के व्यावहारिक प्रयोग द्वारा ही समुदाय में अपनी सामाजिक पहचान और संबंध गढ़ता है। अतः यहाँ भाषा सामाजीकरण की प्रक्रिया कार्यरत है।
तुलना — अन्य विकल्प इस विशिष्ट प्रक्रिया से कैसे भिन्न हैं:
अनुकूलन: किसी नई परिस्थिति या वातावरण के साथ सामान्य समायोजन को दर्शाता है; भाषा-प्रयोग द्वारा समुदाय में संबंध बनाने की विशिष्ट प्रक्रिया को स्पष्ट नहीं करता।
आत्मसात्करण (एसीमिलेशन): किसी भिन्न समूह या संस्कृति में घुल-मिल जाने और मूल पहचान को दूसरी संस्कृति में विलीन करने की प्रक्रिया है, न कि भाषा-आधारित अनौपचारिक संबंध-निर्माण की।
सांस्कृतिकरण (एनकल्चरेशन): अपनी संस्कृति के व्यापक मूल्यों, मान्यताओं और व्यवहारों को सीखने की सामान्य प्रक्रिया है, जो केवल भाषा-प्रयोग पर केंद्रित नहीं, बल्कि संस्कृति के अनेक पक्षों को समाहित करती है।
अतः भाषा-प्रयोग के माध्यम से समुदाय में अनौपचारिक संबंध बनाने की यह विशेष प्रक्रिया भाषा सामाजीकरण कहलाती है।