भाषण, परिचर्चा, संवाद, बच्चों की ______ क्षमता का विकास करने में सहायक हैं ।
2021
भाषण, परिचर्चा, संवाद, बच्चों की ______ क्षमता का विकास करने में सहायक हैं ।
- A.
लिखित अभिव्यक्ति
- B.
मौखिक अभिव्यक्ति
- C.
कल्पनाशीलता
- D.
अनुकरण
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Correct answer: B
भाषा शिक्षणशास्त्र में बच्चे की अभिव्यक्ति-क्षमता को मुख्यतः दो भागों में देखा जाता है — मौखिक अभिव्यक्ति (बोलकर विचार व्यक्त करना) और लिखित अभिव्यक्ति (लिखकर विचार व्यक्त करना)। मौखिक अभिव्यक्ति की क्षमता उन्हीं गतिविधियों से विकसित होती है जिनमें बच्चे को बोलकर अपनी बात रखने, सुनने और तुरंत प्रतिक्रिया देने का अभ्यास मिलता है।
प्रश्न में दी गई गतिविधियाँ — भाषण, परिचर्चा और संवाद — तीनों बोलकर की जाने वाली गतिविधियाँ हैं; इनमें बच्चा लिखता नहीं बल्कि बोलकर अपनी बात रखता है, दूसरों को सुनता है और तर्क-वितर्क में तुरंत प्रतिक्रिया देता है। इस तरह का बार-बार अभ्यास बच्चे की मौखिक अभिव्यक्ति क्षमता को सीधे निखारता है।
अन्य विकल्पों से तुलना:
लिखित अभिव्यक्ति: यह लेखन-आधारित गतिविधियों (निबंध, पत्र, रचनात्मक लेखन) से विकसित होती है, बोलकर की गई गतिविधियों से नहीं।
कल्पनाशीलता मुख्यतः खुली, रचनात्मक गतिविधियों (स्वतंत्र कहानी-निर्माण, दृश्य-कल्पना) से विकसित होती है; भाषण, परिचर्चा और संवाद में मुख्य ज़ोर बोलकर विचार व्यक्त करने और आदान-प्रदान करने पर होता है, नई कल्पना गढ़ने पर नहीं — इसलिए यह विकल्प यहाँ प्राथमिक उत्तर नहीं है।
अनुकरण: यह किसी और की नकल करने (ध्वनि/हाव-भाव दोहराना) से विकसित होता है; भाषण/परिचर्चा/संवाद में बच्चे को अपने मौलिक विचार स्वयं गढ़कर प्रस्तुत करने होते हैं।
अतः भाषण, परिचर्चा और संवाद बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करने में सहायक हैं।