विद्यार्थियों की पढ़ने में रुचि जगाने एवं भाषा-ज्ञान में वृद्धि के लिए…
2019
विद्यार्थियों की पढ़ने में रुचि जगाने एवं भाषा-ज्ञान में वृद्धि के लिए पाठ्य-पुस्तक के अतिरिक्त ________।
- A.
शैक्षिक भ्रमण का अधिकाधिक आयोजन किया जाना चाहिए।
- B.
पाठ्यचर्या सहगामी क्रियाओं का अधिकाधिक आयोजन किया जाना चाहिए।
- C.
समाचार-पत्र, पोस्टर का निर्माण करवाया जाना चाहिए।
- D.
पठन सामग्री विकसित की जा सकती है।
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Correct answer: D
भाषा-शिक्षण की शिक्षाशास्त्रीय अवधारणा के अनुसार, विद्यार्थियों में पढ़ने के प्रति रुचि जगाने और भाषा-दक्षता बढ़ाने के लिए केवल निर्धारित पाठ्य-पुस्तक पर्याप्त नहीं होती; इसके लिए विद्यार्थियों को विविध, रुचिकर एवं उनके स्तर के अनुकूल अतिरिक्त पठन-सामग्री (जैसे कहानियाँ, कविताएँ, पत्रिकाएँ) सुलभ करानी चाहिए, जिससे वे स्वतंत्र रूप से पढ़ सकें और उनका शब्द-भंडार व भाषिक समझ स्वाभाविक रूप से विकसित हो।
प्रस्तुत प्रश्न में, पाठ्य-पुस्तक के अतिरिक्त पठन-सामग्री विकसित करना इसी सिद्धांत को सीधे क्रियान्वित करता है — यह विद्यार्थियों को अधिक और विविध सामग्री उपलब्ध कराता है, जिसे वे अपनी रुचि और स्तर के अनुसार पढ़ सकते हैं, जिससे पढ़ने में रुचि तथा भाषा-ज्ञान दोनों में वृद्धि होती है।
शैक्षिक भ्रमण सामान्य अनुभव और अवलोकन को बढ़ाता है, परन्तु यह स्वयं पठन-सामग्री उपलब्ध नहीं कराता और पढ़ने के कौशल या भाषा-ज्ञान में सुनिश्चित वृद्धि का सीधा साधन नहीं है।
पाठ्यचर्या सहगामी क्रियाएँ समग्र विकास में सहायक होती हैं, किंतु ये विशेष रूप से पढ़ने की रुचि जगाने या भाषा-ज्ञान बढ़ाने पर केंद्रित नहीं होतीं, इसलिए यह प्रश्न में वर्णित विशिष्ट उद्देश्य के लिए बहुत सामान्य विकल्प है।
समाचार-पत्र या पोस्टर बनवाना मुख्यतः एक लेखन/सृजनात्मक निर्माण गतिविधि है, जो पढ़ने के लिए निरंतर सामग्री उपलब्ध नहीं कराती, जिससे पठन-आदत के नियमित विकास का अवसर सीमित रहता है।
अतः पाठ्य-पुस्तक के अतिरिक्त पठन-सामग्री का विकास ही विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि जगाने और भाषा-ज्ञान बढ़ाने की सबसे उपयुक्त एवं प्रत्यक्ष रणनीति है।