एक व्यक्ति ने पूछ लिया — “कैसा है वह मुरलीवाला, मैंने तो उसे नहीं देखा! क्या…
2021
एक व्यक्ति ने पूछ लिया — “कैसा है वह मुरलीवाला, मैंने तो उसे नहीं देखा! क्या वह पहले खिलौने भी बेचता था?” एक पाठ का यह अंश पढ़ने के दौरान ______ के विशिष्ट संदर्भ में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
- A.
उच्चारण
- B.
अवबोध
- C.
अनुतान
- D.
लिखने
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Correct answer: C
भाषा-शिक्षण में पठन-कौशल के तीन भिन्न घटक माने जाते हैं — उच्चारण (शब्दों की ध्वनियों का शुद्ध निष्पादन), अवबोध (पढ़े गए अंश के अर्थ की समझ), और अनुतान (वाक्य के भाव — प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक, विधानवाचक आदि — के अनुसार आवाज़ के आरोह-अवरोह अर्थात बोलने के लहजे का उतार-चढ़ाव)। किसी अंश को पढ़ते समय विराम-चिह्नों तथा वाक्य के भाव के अनुरूप उचित स्वराघात बनाए रखना अनुतान कहलाता है।
दिए गए अंश में मिश्रित भाव के वाक्य हैं — एक विस्मयादिबोधक भाव का वाक्य (“मैंने तो उसे नहीं देखा!”) तथा प्रश्नवाचक भाव के वाक्य/खंड (“कैसा है वह मुरलीवाला”, “क्या वह पहले खिलौने भी बेचता था?”)। इस अंश को प्रभावी ढंग से पढ़ने के लिए पाठक को प्रत्येक वाक्य के भाव के अनुरूप अपनी आवाज़ का आरोह-अवरोह बदलना होगा — यही अनुतान की भूमिका है, न कि केवल शब्दों का शुद्ध उच्चारण करना या केवल अर्थ समझना।
उच्चारण: शब्दों की ध्वनियों को सही ढंग से बोलना; यह मात्र ध्वनि-स्तरीय शुद्धता को दर्शाता है, वाक्य के भाव के अनुसार लहजा बदलने से इसका सीधा सम्बन्ध नहीं है।
अवबोध: पढ़े गए अंश का अर्थ समझना; यहाँ पाठक अर्थ भलीभाँति समझ सकता है फिर भी इसे प्रभावी ढंग से पढ़कर व्यक्त करने के लिए अतिरिक्त कौशल आवश्यक होता है।
लिखने: यह लेखन-कौशल से संबंधित है, जबकि यह प्रश्न पढ़ने से जुड़ा है, इसलिए यह इस संदर्भ में अप्रासंगिक है।
अतः इस अंश को पढ़ते समय अनुतान (आवाज़ का आरोह-अवरोह) सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।