स्तंभ अ में भाषा-शिक्षण विधियाँ दी गई हैं और स्तंभ ब में उनकी संबंधित…
2024
स्तंभ अ में भाषा-शिक्षण विधियाँ दी गई हैं और स्तंभ ब में उनकी संबंधित विशेषताएँ/गतिविधियाँ हैं। सही मिलान कीजिए।
स्तंभ अ | स्तंभ ब |
|---|---|
(a) सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण (Communicative Language Teaching) | (i) सामाजिक रूप से स्वीकृत और संदर्भ के अनुरूप भाषा |
(b) प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) | (ii) मौन पठन |
(c) व्याकरण अनुवाद विधि (Grammar Translation Method) | (iii) लिखित साहित्यिक सामग्री |
(d) वैस्ट की नवीन विधि (West's New Method) | (iv) व्याकरण को आगमनात्मक तरीके से पढ़ाना |
- A.
(a)-(i), (b)-(iv), (c)-(iii), (d)-(ii)
- B.
(a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(i)
- C.
(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iv)
- D.
(a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)
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Correct answer: A
अवधारणा: भाषा-शिक्षण की प्रत्येक प्रमुख विधि एक विशिष्ट सिद्धांत/उपागम से पहचानी जाती है — सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण (CLT) सामाजिक रूप से स्वीकृत, संदर्भानुकूल भाषा-प्रयोग (सम्प्रेषण-क्षमता) पर बल देती है; प्रत्यक्ष विधि मातृभाषा/अनुवाद के प्रयोग के बिना पढ़ाती है और व्याकरण के नियम आगमनात्मक (उपयोग से स्वयं निकाले गए) ढंग से सिखाती है; व्याकरण अनुवाद विधि लिखित साहित्यिक सामग्री के अनुवाद और विश्लेषण के साथ-साथ नियमों को स्पष्ट रूप से (निगमनात्मक) पढ़ाती है; और वैस्ट की नवीन विधि पठन-कौशल पर केंद्रित है, जिसमें शब्दावली-विकास हेतु मौन पठन को विशेष महत्व दिया जाता है।
अनुप्रयोग: इन परिभाषित विशेषताओं को स्तंभ अ की चार विधियों पर लागू करने पर:
सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण — सामाजिक रूप से स्वीकृत, संदर्भानुकूल भाषा (i) से मेल खाती है।
प्रत्यक्ष विधि — व्याकरण को आगमनात्मक ढंग से पढ़ाने (iv) से मेल खाती है।
व्याकरण अनुवाद विधि — लिखित साहित्यिक सामग्री (iii) से मेल खाती है।
वैस्ट की नवीन विधि — मौन पठन (ii) से मेल खाती है।
जाँच: चारों विशेषताएँ (i)-(iv) बिना किसी दोहराव के एक-एक करके चारों विधियों पर सटीक बैठती हैं — कोई भी विशेषता दो विधियों को नहीं दी गई और कोई विधि बिना विशेषता के नहीं रही, जो एक पूर्ण व सुसंगत मिलान की पुष्टि करता है। साथ ही प्रत्यक्ष विधि और व्याकरण अनुवाद विधि परस्पर विपरीत हैं (अनुवाद-रहित बनाम अनुवाद-आधारित), और सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण व वैस्ट की विधि भी अलग-अलग आयामों (भाषा-प्रयोग बनाम पठन-कौशल) पर केंद्रित हैं — इससे कोई अस्पष्टता नहीं रहती।
अतः सही मिलान है: (a)-(i), (b)-(iv), (c)-(iii), (d)-(ii)।