“भाषा अधिगम एक गहन प्रक्रिया है जो जन्म के समय से शुरू होती है और जीवन पर्यत…
2024
“भाषा अधिगम एक गहन प्रक्रिया है जो जन्म के समय से शुरू होती है और जीवन पर्यत चलती है।” क्या आप इस कथन से सहमत या असहमत हैं?
- A.
मैं इस कथन से सहमत हूँ।
- B.
मैं इस कथन से असहमत हूँ।
- C.
मैं इस कथन से आंशिक रूप से सहमत हूँ।
- D.
मैं इस कथन से आंशिक रूप से असहमत हूँ।
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Correct answer: B
अवधारणा: क्रैशन की अर्जन-अधिगम परिकल्पना (Acquisition-Learning Hypothesis) के अनुसार, भाषा-अर्जन (acquisition) जन्म से अवचेतन रूप से आरंभ होकर सहज अनुभव से जीवन-पर्यंत चलने वाली एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जबकि भाषा-अधिगम (learning) समझ विकसित होने पर सचेत प्रयास, नियमों व निर्देशन के माध्यम से घटित होने वाली एक संगठित प्रक्रिया है।
अनुप्रयोग: दिया गया कथन ('जन्म से शुरू होकर जीवन-पर्यंत चलने वाली गहन प्रक्रिया') वस्तुतः भाषा-अर्जन की मानक पहचान है, परंतु कथन में इसे 'भाषा-अधिगम' कहकर संबोधित किया गया है। ऐसे 'सहमत/असहमत' प्रकार के कथनों का मूल्यांकन सामान्यतः इस बात पर किया जाता है कि वर्णित प्रक्रिया समग्र रूप से किस अवधारणा (अर्जन या अधिगम) से मेल खाती है, न कि प्रत्येक विशेषण को पृथक रूप से जाँचकर। इसी मानक व्याख्या तथा CTET की आधिकारिक उत्तर-कुंजी (जनवरी 2024, पेपर 1) के अनुसार, यह विवरण अधिगम पर नहीं बल्कि अर्जन पर लागू होता है, इसलिए अपेक्षित उत्तर इस कथन से पूर्ण असहमति है।
जाँच: यदि कथन में 'अधिगम' की जगह 'अर्जन' शब्द होता, तो यही विवरण सही सिद्ध होता और सहमति अपेक्षित होती — यह पुष्टि करता है कि निर्णायक बिंदु शब्द-चयन (अर्जन बनाम अधिगम) है, कथन का कोई विशेष अंश नहीं।
सहमति: यह मानता है कि कथन में वर्णित प्रक्रिया अधिगम से मेल खाती है — तथ्यतः यह विवरण भाषा-अर्जन की मानक पहचान है, अधिगम की नहीं।
आंशिक सहमति/आंशिक असहमति: दोनों यह मानते हैं कि कथन को अलग-अलग जाँचे जा सकने वाले टुकड़ों में तोड़ा जाना चाहिए — जबकि मानक परीक्षा-व्याख्या तथा आधिकारिक उत्तर-कुंजी दोनों इसे एक ही अवधारणा (अर्जन बनाम अधिगम) की पहचान के रूप में देखती हैं, जिसका उत्तर पूर्ण सहमति या पूर्ण असहमति में से एक होगा।