नीचे दिए गए प्रश्न को पढ़ें। पता करें कि यह प्रश्न किस प्रारूप (टाइपोलॉजी) का…
2024
नीचे दिए गए प्रश्न को पढ़ें। पता करें कि यह प्रश्न किस प्रारूप (टाइपोलॉजी) का है?
"छोटी बालिका की कहानी पढ़ने के बाद, आपने उसके दुखों और कठिनाइयों का सामना करने वाले साहस को महसूस किया। आप उस लड़की को उसकी प्रशंसा के लिए पत्र लिखना चाहेंगे। लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए।"
- A.
अभिव्यक्तिपरक प्रश्न
- B.
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- C.
पाठ का विस्तार करने वाला प्रश्न (एक्स्ट्रापोलेटिव)
- D.
विमर्श संबंधी प्रश्न
Show answer & explanation
Correct answer: C
अवधारणा: पठन-बोध के आकलन में प्रश्नों को पाठ के साथ उनके संबंध के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है — प्रत्यक्ष/तथ्यात्मक प्रश्न (उत्तर पाठ में शब्दशः मिलता है), अनुमानात्मक प्रश्न (उत्तर पाठ से निकालना पड़ता है), अभिव्यक्तिपरक प्रश्न (छात्र की अपनी राय/भावना मांगी जाती है, पाठ से आगे कुछ नया रचने की आवश्यकता नहीं), और एक्स्ट्रापोलेटिव/पाठ-विस्तारक प्रश्न (छात्र को पाठ के विषय-वस्तु या भाव से प्रेरित होकर, मूल पाठ में मौजूद न रही एक बिल्कुल नई सामग्री स्वयं रचनी होती है, अर्थात मूल पाठ से आगे बढ़कर एक नया रूप गढ़ना)।
प्रयोग: दिए गए कार्य में छात्र से कहा गया है कि वह कहानी की बालिका के साहस से प्रेरित होकर लगभग 120 शब्दों में एक प्रशंसा-पत्र लिखे। यह केवल राय व्यक्त करना नहीं है — छात्र को पाठ के भाव को आधार बनाकर एक बिल्कुल नए प्रारूप (पत्र) में मौलिक सामग्री रचनी है, जो मूल पाठ में मौजूद नहीं थी। यही विशेषता इस प्रश्न को एक्स्ट्रापोलेटिव (पाठ का विस्तार करने वाला) श्रेणी में रखती है।
तुलना: अभिव्यक्तिपरक प्रश्न केवल राय/भावना पूछता, नई रचना की मांग नहीं करता — यहाँ पत्र-लेखन की मांग है, अतः यह फिट नहीं बैठता। दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर की लंबाई पर आधारित वर्गीकरण है, पाठ-संबंध पर नहीं — यह टाइपोलॉजी की कोई श्रेणी ही नहीं है। विमर्श संबंधी प्रश्न चर्चा/तर्क-वितर्क पर केंद्रित होता है — यहाँ किसी विमर्श की मांग नहीं, केवल रचनात्मक पत्र-लेखन की मांग है।
निष्कर्ष: अतः सही उत्तर "पाठ का विस्तार करने वाला (एक्स्ट्रापोलेटिव) प्रश्न" है। इसकी पुष्टि CBSE की आधिकारिक CTET जनवरी 2024, पेपर 2 उत्तर कुंजी से भी होती है।