उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर, राजा करिकाल के संदर्भ में असत्य कथन कौन-सा है?
2025
उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर, राजा करिकाल के संदर्भ में असत्य कथन कौन-सा है?
Answer: A. इन्होंने किसानों की प्रगति की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया। — संकल्पना: अपठित गद्यांश पर आधारित “असत्य कथन” वाले प्रश्न में कसौटी बाहरी पूर्वज्ञान नहीं, केवल गद्यांश में दी गई सूचना होती है। ऐसे प्रश्न का नियम यह है कि…
- A.
इन्होंने किसानों की प्रगति की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया।
- B.
इन्होंने कावेरी नदी के मुहाने पर पुहार का बंदरगाह निर्मित कराया।
- C.
इन्होंने श्रीलंका को युद्ध में पराजित कर युद्धबंदी बनाए।
- D.
इन्होंने कावेरी नदी के जल को नियंत्रित कर सिंचाई की व्यवस्था की।
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Correct answer: A
संकल्पना: अपठित गद्यांश पर आधारित “असत्य कथन” वाले प्रश्न में कसौटी बाहरी पूर्वज्ञान नहीं, केवल गद्यांश में दी गई सूचना होती है। ऐसे प्रश्न का नियम यह है कि प्रत्येक कथन को गद्यांश की संबंधित पंक्ति से मिलाया जाए — जो कथन गद्यांश से शब्दशः या भाव रूप में पुष्ट हो वह सत्य माना जाता है, और जो गद्यांश की सूचना का खंडन करे वही असत्य कथन कहलाता है।
प्रयोग: गद्यांश में करिकाल के विषय में चार सूचनाएँ मिलती हैं — कावेरी के जल पर नियंत्रण कर सिंचाई की व्यवस्था, इस व्यवस्था से किसानों को सीधा लाभ और कृषि-उत्पादन में वृद्धि, श्रीलंका पर विजय के बाद युद्धबंदियों का उपयोग, तथा कावेरी के मुहाने पर पुहार बंदरगाह का निर्माण। नीचे प्रत्येक कथन का मिलान इन्हीं पंक्तियों से किया गया है।
कथन | गद्यांश की सूचना | स्थिति |
|---|---|---|
कावेरी के जल को नियंत्रित कर सिंचाई की व्यवस्था | “करिकाल ने कावेरी जल को नियंत्रित कर सिंचाई की व्यवस्था की।” | गद्यांश से पुष्ट |
श्रीलंका को युद्ध में पराजित कर युद्धबंदी बनाना | “श्रीलंका को युद्ध में पराजित कर युद्धबंदियों के माध्यम से … निर्मित कराया गया।” | गद्यांश से पुष्ट |
कावेरी के मुहाने पर पुहार बंदरगाह का निर्माण | “कावेरी के मुहाने पर पुहार का प्रसिद्ध बंदरगाह निर्मित कराया गया।” | गद्यांश से पुष्ट |
किसानों की प्रगति की ओर विशेष ध्यान न देना | “इसका सीधा फायदा किसानों को हुआ। कृषि के उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी हुई।” | गद्यांश का खंडन |
जाँच और परिणाम: सिंचाई-व्यवस्था, श्रीलंका-विजय के बाद युद्धबंदियों का उपयोग और पुहार बंदरगाह का निर्माण — ये तीनों बातें गद्यांश की पंक्तियों में सीधे मिल जाती हैं, इसलिए इनसे बने कथन सत्य हैं। इसके विपरीत गद्यांश स्पष्ट कहता है कि सिंचाई-व्यवस्था का “सीधा फायदा किसानों को हुआ” और कृषि-उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी हुई; अतः “इन्होंने किसानों की प्रगति की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया” कथन गद्यांश की सूचना का खंडन करता है और यही असत्य कथन है। ध्यान रहे कि ऐसे प्रश्नों में निर्णय गद्यांश की सूचना से होता है, इतिहास की किसी बाहरी पुस्तक से नहीं।