इस गद्यांश में 'सांसारिकता' से क्या अभिप्राय है?
2026
इस गद्यांश में 'सांसारिकता' से क्या अभिप्राय है?
Answer: C. सांसारिक कर्तव्यों और अधिकारों का निर्वहन — अवधारणाकिसी गद्यांश में किसी शब्द या अभिव्यक्ति का अर्थ उसके निकटवर्ती संदर्भ और लेखक द्वारा प्रस्तुत विरोध के आधार पर निर्धारित होता है। संदर्भगत अर्थ से…
- A.
संसार से मोहभंग की स्थिति
- B.
सांसारिक जीवन से विरक्ति
- C.
सांसारिक कर्तव्यों और अधिकारों का निर्वहन
- D.
संसार का उपहास उड़ाना
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Correct answer: C
अवधारणा
किसी गद्यांश में किसी शब्द या अभिव्यक्ति का अर्थ उसके निकटवर्ती संदर्भ और लेखक द्वारा प्रस्तुत विरोध के आधार पर निर्धारित होता है।
संदर्भगत अर्थ से संबंधित प्रश्न के लिए आस-पास के विचारों की पहचान कीजिए, विरोध को तटस्थ शब्दों में पुनः व्यक्त कीजिए और उस अर्थ का चयन कीजिए जो गद्यांश के तर्क को अक्षुण्ण रखता हो।
अनुप्रयोग
गद्यांश नागरिकता को नागरिक के कर्तव्यों और अधिकारों की समग्रता के रूप में परिभाषित करता है तथा कहता है कि नागरिकता व्यक्ति को समाज और राज्य का अनिवार्य अंग बनाती है।
इसके बाद गद्यांश सामान्य नागरिक सहभागिता की तुलना ऐसे वीतरागी संन्यासी के जीवन से करता है, जिसका सांसारिक जीवन से कोई संबंध नहीं होता। इस विरोध में सांसारिकता का अर्थ कर्तव्यों और अधिकारों के माध्यम से सामान्य सामाजिक जीवन में सहभागिता है।
विरोध
मोहभंग का अर्थ पहले रहे आकर्षण का समाप्त होना है; गद्यांश में सांसारिकता का प्रयोग इस अर्थ में नहीं हुआ है।
विरक्ति संन्यासी से संबद्ध अवस्था है और इसलिए वह सांसारिकता के विपरीत अवस्था है।
उपहास का अर्थ हँसी उड़ाना है, जबकि यह विचार गद्यांश में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
निष्कर्ष
अतः गद्यांश में सांसारिकता से तात्पर्य सांसारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने और अधिकारों का प्रयोग करने से है।
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