पहलवान का नाम क्या था ?
2026
पहलवान का नाम क्या था ?
Answer: A. लुट्टन सिंह — संकल्पना: गद्यांश-आधारित तथ्य-पहचान (नाम-पहचान) प्रश्न का उत्तर पाठक के बाहरी ज्ञान या ध्वनि-साम्य से नहीं, बल्कि गद्यांश के प्रत्यक्ष कथन से तय होता है। विधि…
- A.
लुट्टन सिंह
- B.
छुट्टन सिंह
- C.
गुड्डन सिंह
- D.
चन्दन सिंह
Attempted by 69 students.
Show answer & explanation
Correct answer: A
संकल्पना: गद्यांश-आधारित तथ्य-पहचान (नाम-पहचान) प्रश्न का उत्तर पाठक के बाहरी ज्ञान या ध्वनि-साम्य से नहीं, बल्कि गद्यांश के प्रत्यक्ष कथन से तय होता है। विधि यह है कि पहले प्रश्न में पूछी गई भूमिका या उपाधि पहचानी जाए, फिर गद्यांश में उसी भूमिका के साथ जुड़े व्यक्तिवाचक संज्ञा-पद को खोजा जाए, और अंत में देखा जाए कि आगे का वर्णन उसी संज्ञा-पद को दोहराता है या नहीं।
प्रयोग (इस प्रश्न पर):
प्रश्न में पूछी गई भूमिका 'पहलवान' है; गद्यांश में ढोलक बजाने वाले व्यक्ति की यही उपाधि आई है — 'सिर्फ़ पहलवान की ढोलक!'
इसके तुरंत बाद लेखक उस भूमिका के साथ व्यक्तिवाचक नाम विस्मयादिबोधक रूप में जोड़ता है — 'लुट्टन सिंह पहलवान!'
यही नाम पात्र की अपनी उक्ति में दोहराया गया है — 'लुट्टन सिंह पहलवान को होल इंडिया भर के लोग जानते हैं।'
आगे का जीवन-वृत्त भी इसी संज्ञा-पद से जुड़ा है — 'लुट्टन के माता-पिता उसे नौ वर्ष की उम्र में ही अनाथ बनाकर चल बसे थे' और 'लुट्टन के सिर पर कसरत की धुन ... सवार हुई थी।' इस प्रकार नाम तीन स्वतंत्र स्थलों पर पुष्ट होता है।
प्रति-परीक्षण (शेष नाम-रूपों से तुलना):
'छुट्टन सिंह' — गद्यांश के किसी वाक्य में यह नाम नहीं आता; यह केवल आरंभिक ध्वनि बदलकर बनाया गया ध्वनि-साम्य वाला रूप है।
'गुड्डन सिंह' — यह नाम गद्यांश में कहीं भी उल्लिखित नहीं है; इसका द्वित्व 'ड्ड' गद्यांश के किसी पात्र-नाम से मेल नहीं खाता।
'चन्दन सिंह' — गद्यांश में यह नाम भी नहीं है; यह संस्कृत-मूलक शब्द है और गद्यांश की देशज नाम-शैली से बाहर है।
निष्कर्ष: गद्यांश में तीन बार आए प्रत्यक्ष उल्लेखों के आधार पर पहलवान का नाम 'लुट्टन सिंह' है।
Explore the full course: Upessc Assistant Teacher Recruitment