निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए : सुख–दुख में मुस्काना…
2022
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए :
सुख–दुख में मुस्काना धीरज से रहना, वीरों की माता हूँ वीरों की बहना। मैं वीर नारी हूँ साहस की बेटी, मातृभूमि–रक्षा को वीर सजा देती। आकुल अंतर की पीर राष्ट्र हेतु सहना, वीरों की माता हूँ वीरों की बहना। मात–भूमि जन्म–भूमि राष्ट्र–भूमि मेरी, कोटि–कोटि वीर पूत द्वार–द्वार दे री। जीवन–भर मुसकाए भारत का अंगना, वीरों की माता हूँ वीरों की बहना।
प्रश्न : 'भारत का अंगना' कब तक मुस्कराए ?
Answer: B. जीवन–भर — अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों में सही विकल्प वही होता है जो गद्यांश में किसी विशेष विवरण के लिए वास्तव में प्रयुक्त शब्द/वाक्यांश से सटीक रूप से मेल खाता हो —…
- A.
पल–भर
- B.
जीवन–भर
- C.
उम्रभर
- D.
मुट्ठी–भर
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Correct answer: B
अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों में सही विकल्प वही होता है जो गद्यांश में किसी विशेष विवरण के लिए वास्तव में प्रयुक्त शब्द/वाक्यांश से सटीक रूप से मेल खाता हो — कोई निकट-अर्थ वाला शब्द तब तक सही उत्तर नहीं माना जाता जब तक वह गद्यांश में स्वयं प्रयुक्त न हुआ हो, चाहे उसका अर्थ कितना भी करीब क्यों न हो।
गद्यांश की अंतिम पंक्ति में कहा गया है — 'जीवन–भर मुसकाए भारत का अंगना' — अर्थात यह कामना की गई है कि भारत का अंगना जीवन–भर (सम्पूर्ण जीवन-काल तक) मुस्कराता रहे। प्रश्न 'भारत का अंगना कब तक मुस्कराए ?' का उत्तर सीधे इसी पंक्ति से प्राप्त होता है, अतः 'जीवन–भर' ही सही उत्तर है।
गद्यांश आरम्भ से अंत तक धैर्य और निरंतरता के भाव को दोहराता है ('सुख–दुख में मुस्काना धीरज से रहना', 'आकुल अंतर की पीर राष्ट्र हेतु सहना') — यह पूरा भाव 'जीवन–भर' वाले उत्तर की पुष्टि करता है; शेष कोई भी विकल्प न तो गद्यांश में प्रयुक्त हुआ है और न ही गद्यांश के समग्र भाव से मेल खाता है।
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