निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले…
2021
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
दिशाएँ निमंत्रण मुझे दे रही हैं,
सफलता का यह द्वार मेरे लिए है ।।
न अवरोध कोई न बाधा कहीं है,
न संदेह कोई न व्यवधान कोई ।
अटल एक विश्वास मन में भरा है,
नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई ।।
हृदय में कहीं कह रहा बात कोई,
धरा औ गगन सिर्फ़ तेरे लिए है ।।
नहीं कुछ यहाँ जो मुझे रोक पाए,
न कोई यहाँ जो मुझे टोक पाए ।
अजानी हवा में बहे जा रहा हूँ
मुझे आज लगता कि मैं वह नहीं हूँ ।।
रही जगमगा इंद्रधनुषी दिशाएँ,
दिगंतर मदिर रस अलौकिक पिए हैं ।।
कविता का केंद्रीय स्वर है -
Answer: A. उत्साह और आत्मविश्वास — अवधारणा: अपठित काव्यांश में 'केंद्रीय स्वर' (या केंद्रीय भाव) पहचानने के लिए पूरी कविता में बार-बार आने वाले शब्द-चयन (diction), बिंबों और भावनात्मक संकेतों…
- A.
उत्साह और आत्मविश्वास
- B.
बाधाएँ और विघ्न
- C.
सुनसानी और अनजानापन
- D.
कर्म और प्रेरणा
Attempted by 7 students.
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Correct answer: A
अवधारणा: अपठित काव्यांश में 'केंद्रीय स्वर' (या केंद्रीय भाव) पहचानने के लिए पूरी कविता में बार-बार आने वाले शब्द-चयन (diction), बिंबों और भावनात्मक संकेतों को देखा जाता है — केवल किसी एक पंक्ति के आधार पर नहीं। जो भाव आरंभ से अंत तक निरंतर व्यक्त होता है, वही कविता का केंद्रीय स्वर कहलाता है।
प्रयोग: दी गई कविता में वक्ता बार-बार दृढ़ता और भरोसे की बात करता है — 'सफलता का यह द्वार मेरे लिए है', 'अटल एक विश्वास मन में भरा है', 'नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई', 'नहीं कुछ यहाँ जो मुझे रोक पाए' और 'रही जगमगा इंद्रधनुषी दिशाएँ' जैसी पंक्तियाँ आद्यंत एक ही मनोभाव को दोहराती हैं — मार्ग खुला है, विश्वास दृढ़ है और सफलता निश्चित प्रतीत होती है।
तुलना: शेष विकल्पों की तुलना कविता की पंक्तियों से करने पर:
बाधाएँ और विघ्न — कविता में 'अवरोध' और 'बाधा' शब्द निषेध ('न...') के साथ प्रयुक्त हुए हैं ('न अवरोध कोई न बाधा कहीं है'), अर्थात कविता इन्हें नकारती है, न कि इनका वर्णन करती है।
सुनसानी और अनजानापन — 'अजानी हवा में बहे जा रहा हूँ' पंक्ति में 'अजानी' शब्द वातावरण (हवा) के लिए है, वक्ता की किसी उदासी या एकांत की स्थिति के लिए नहीं; कविता में वक्ता स्वयं को धरा-गगन से जुड़ा हुआ बताता है।
कर्म और प्रेरणा — कविता में 'बहे जा रहा हूँ' जैसी गति सूचक क्रियाएँ हैं, परंतु किसी विशिष्ट कार्य, लक्ष्य या श्रम का वर्णन नहीं है; कविता का बल गतिविधि पर नहीं, भीतर के भाव पर है।
निष्कर्ष: अतः कविता की सभी पंक्तियों में निरंतर झलकने वाला भाव 'उत्साह और आत्मविश्वास' है, जिसकी पुष्टि CTET जनवरी 2021, पेपर-2 (Set M, प्रश्न 105) की आधिकारिक उत्तर कुंजी से भी होती है।
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