निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर…

2024

निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :

साहित्य सदैव समाज को निरंतरता प्रदान करता है। यह साहित्य और समाज का गहरा संबंध ही है कि साहित्य में समाज के विश्रृंखलित होते सिद्धांतों और टूटते-बिखरते मूल्यों की चिंता बराबर बनी रहती है। वही साहित्य कालों के बंधन को तोड़कर, उसकी सीमाओं से परे जाकर कालजयी बन पाता है, जिसमें मानवीय सत्य की व्याख्या हो और संवेदनाओं के सहारे आस्था जगाने का प्रयास हो। समय-समय पर साहित्यकारों ने समाज के बदतर होने की स्थिति को पहचाना है। कुछ रचनाकार हमारे साहित्य पटल पर ऐसी गहरी छाप छोड़ जाते हैं, जिनकी आवश्यकता हर युग में बनी रहती है, जिनके विचार सदैव तरोताज़ा ही रहते हैं और जिनकी रचनाएँ समाज को दीप्त करने का दायित्व निभाती चलती हैं। उनका साहित्यकार व्यक्तित्व केवल समस्याओं को ही नहीं परखता बल्कि मनुष्यता में विश्वास को बचाए रखने की कोशिश करता है।

‘विश्वास’ शब्द का अर्थ है :

Answer: D. निश्चित धारणाशब्दार्थ-आधारित प्रश्नों में किसी शब्द का सही अर्थ शब्दकोश में उसके मानक अर्थ तथा गद्यांश में उसके प्रयोग-संदर्भ, दोनों के आधार पर तय किया जाता है। दिखने में…

  1. A.

    विश्वमय

  2. B.

    विश्व से संबंधित नियम

  3. C.

    तत्वज्ञान संबंधी

  4. D.

    निश्चित धारणा

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Correct answer: D

शब्दार्थ-आधारित प्रश्नों में किसी शब्द का सही अर्थ शब्दकोश में उसके मानक अर्थ तथा गद्यांश में उसके प्रयोग-संदर्भ, दोनों के आधार पर तय किया जाता है। दिखने में मिलते-जुलते शब्द (जैसे 'विश्व' और 'विश्वास') प्रायः भिन्न-भिन्न अर्थ रखते हैं, इसलिए मूल शब्द तथा उसके शब्द-रूप को ध्यान से पहचानना आवश्यक होता है।

गद्यांश की अंतिम पंक्ति में साहित्यकार के व्यक्तित्व के विषय में कहा गया है कि वह 'मनुष्यता में विश्वास को बचाए रखने की कोशिश करता है' — अर्थात् मनुष्यता के प्रति भरोसा, आस्था या दृढ़ मान्यता बनाए रखने का प्रयास। मानक हिंदी शब्दकोश के अनुसार 'विश्वास' का अर्थ है भरोसा, यकीन या निश्चित धारणा। दिए गए विकल्पों में केवल 'निश्चित धारणा' ही इस अर्थ को सटीक रूप से व्यक्त करती है।

  • 'विश्वमय' शब्द 'विश्व' मूल से बना है और इसका अर्थ 'संसारमय अथवा विश्व-व्यापी' होता है, जो भरोसे या आस्था के भाव से भिन्न है।

  • 'विश्व से संबंधित नियम' भी 'विश्व' (संसार) से जुड़ी अवधारणा है, न कि किसी बात पर दृढ़ मान्यता से।

  • 'तत्वज्ञान संबंधी' दर्शनशास्त्र या सैद्धांतिक ज्ञान की ओर संकेत करता है, जबकि 'विश्वास' आस्था और भरोसे का भाव है, तात्विक चिंतन का नहीं।

अतः गद्यांश के संदर्भ तथा शब्द के मानक अर्थ दोनों के आधार पर 'निश्चित धारणा' ही उपयुक्त उत्तर है।

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