'आचरण की सभ्यता' के निबन्धकार कौन हैं ?
2016
'आचरण की सभ्यता' के निबन्धकार कौन हैं ?
Answer: B. सरदार पूर्णसिंह — अवधारणा: हिंदी गद्य साहित्य में किसी निबंध का 'निबंधकार' निर्धारित करने के लिए यह देखा जाता है कि वह विशिष्ट शीर्षक किस लेखक के प्रकाशित निबंध-संग्रह में…
- A.
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
- B.
सरदार पूर्णसिंह
- C.
महावीर प्रसाद द्विवेदी
- D.
बालकृष्ण भट्ट
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Correct answer: B
अवधारणा: हिंदी गद्य साहित्य में किसी निबंध का 'निबंधकार' निर्धारित करने के लिए यह देखा जाता है कि वह विशिष्ट शीर्षक किस लेखक के प्रकाशित निबंध-संग्रह में संकलित है — केवल विषय-वस्तु या शैली की समानता से नहीं, बल्कि उस सटीक शीर्षक के प्रकाशन-स्रोत से लेखक की पहचान होती है, क्योंकि भिन्न-भिन्न निबंधकार समान विषयों पर भी लिख सकते हैं।
प्रयोग: 'आचरण की सभ्यता' शीर्षक निबंध सरदार पूर्णसिंह के निबंध-संग्रह में संकलित एवं प्रकाशित है। सरदार पूर्णसिंह हिंदी के भावुक एवं आध्यात्मिक शैली के निबंधकार माने जाते हैं, और यह निबंध उन्हीं की रचनाओं की सूची में सम्मिलित है — अतः यह उन्हीं के नाम से जुड़ा है।
तुलना (प्रत्येक निबंधकार की अपनी वास्तविक कृति से पुष्टि):
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र आधुनिक हिंदी गद्य-नाटक के प्रवर्तक माने जाते हैं, और उनका सुप्रसिद्ध निबंध 'नाटक' है, जो नाट्यकला व नाट्यशास्त्रीय सिद्धांतों पर केंद्रित है — यह उनकी अपनी प्रकाशित सूची का शीर्षक है, 'आचरण की सभ्यता' नहीं।
महावीर प्रसाद द्विवेदी सरस्वती पत्रिका के संपादक और भाषा-सुधार से जुड़े निबंधकार हैं, और उनका सुप्रसिद्ध निबंध 'कवि और कविता' है, जो सच्ची कविता के गुण व सामाजिक उद्देश्य पर केंद्रित है — यह भी उन्हीं का शीर्षक है, 'आचरण की सभ्यता' नहीं।
बालकृष्ण भट्ट हास्य-व्यंग्य प्रधान निबंधों के लिए प्रसिद्ध हैं, और उनका सुप्रसिद्ध निबंध 'बातचीत' है, जो वाक्शक्ति व सार्थक संवाद के महत्त्व पर केंद्रित है — यह उनकी अपनी सूची का शीर्षक है, 'आचरण की सभ्यता' नहीं।
अतः इन तीनों निबंधकारों की अपनी पहचानी गई कृतियाँ भिन्न हैं, और 'आचरण की सभ्यता' का सही निबंधकार सरदार पूर्णसिंह है।
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