बहुभाषिक कक्षा में बच्चों की भाषाओं को स्थान देने के लिए आवश्यक है कि
2019
बहुभाषिक कक्षा में बच्चों की भाषाओं को स्थान देने के लिए आवश्यक है कि
- A.
शिक्षक बच्चों की भाषाओं का ही प्रयोग करे।
- B.
शिक्षक बच्चों को उनकी भाषाओं में ही व्यवहार करने के लिए कहे।
- C.
शिक्षक बच्चों के मातृभाषा-प्रयोग को स्वीकार करे।
- D.
शिक्षक बच्चों की मातृभाषाओं में गीत-कविता सुने।
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Correct answer: C
बहुभाषिक कक्षा से जुड़े NCF/NEP-आधारित शिक्षाशास्त्र का मूल सिद्धांत यह है कि प्रत्येक बच्चा अपने घर/मातृभाषा के माध्यम से ही नई भाषा और अवधारणाएँ सबसे प्रभावी ढंग से सीखता है — इसलिए शिक्षक की भूमिका बच्चों की विविध भाषाओं को दबाने या किसी एक भाषा तक सीमित करने की नहीं, बल्कि कक्षा में उनके मातृभाषा-प्रयोग को खुले मन से स्वीकार करने और उसे सीखने के पुल के रूप में उपयोग करने की होती है।
इस प्रश्न में "बच्चों की भाषाओं को स्थान देना" तभी संभव है जब शिक्षक बच्चों के मातृभाषा-प्रयोग को स्वीकार करे — यही वह सामान्य और आवश्यक शर्त है जो कक्षा के हर रोज़ के व्यवहार में लागू होती है, न कि कोई अतिवादी प्रतिबंध या कोई एक विशिष्ट गतिविधि।
शिक्षक द्वारा केवल बच्चों की भाषाओं का ही प्रयोग करना: यह शिक्षक को कक्षा की साझा/मानक भाषा से पूरी तरह अलग कर एक अतिवादी स्थिति में डाल देता है — व्यावहारिक स्वीकृति के बजाय भाषा का पूर्ण प्रतिस्थापन माँगना उचित शिक्षण-व्यवहार नहीं है।
बच्चों को आपस में केवल अपनी-अपनी भाषा में व्यवहार करने के लिए कहना: यह भिन्न भाषा-पृष्ठभूमि वाले बच्चों के बीच संवाद को बाध्यकारी नियम से सीमित कर देता है, जिससे कक्षा में सहभागिता और आपसी समझ कम हो सकती है।
बच्चों की मातृभाषाओं में गीत-कविता सुनना: यह एक विशिष्ट, सीमित-अवसर वाली गतिविधि है; यह प्रतिदिन की कक्षा-अंतःक्रिया में भाषाओं को व्यापक स्थान देने की सामान्य आवश्यकता को पूरी तरह व्यक्त नहीं करता।
अतः बहुभाषिक कक्षा में बच्चों की भाषाओं को सच्चे अर्थों में स्थान तभी मिलता है जब शिक्षक बच्चों के मातृभाषा-प्रयोग को स्वीकार करे।