निम्नलिखित में से कौन-सी विधि भाषा अधिगम के लिए ड्रिल और 'भाषा के औपचारिक…
2024
निम्नलिखित में से कौन-सी विधि भाषा अधिगम के लिए ड्रिल और 'भाषा के औपचारिक गुणधर्म में निपुणता' को आवश्यक रूप की तरह अनुशंसा करती है?
- A.
श्रव्य भाषावाद
- B.
सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण
- C.
व्याकरण अनुवाद विधि
- D.
कुल भौतिक प्रतिक्रिया
Show answer & explanation
Correct answer: A
अवधारणा: भाषा शिक्षण की विभिन्न विधियाँ अलग-अलग सैद्धांतिक आधारों पर टिकी होती हैं — कुछ व्यवहारवादी मनोविज्ञान व संरचनात्मक भाषाविज्ञान पर आधारित होकर आदत-निर्माण, पुनरावृत्तिपरक ड्रिल और भाषा के औपचारिक (व्याकरणिक-ध्वन्यात्मक) गुणों में शुद्धता पर बल देती हैं, तो कुछ अर्थपूर्ण संप्रेषण, अनुवाद, या शारीरिक क्रिया पर आधारित होती हैं। किसी विधि की पहचान उसकी केंद्रीय तकनीक व सैद्धांतिक आधार से होती है।
प्रयोग: श्रव्य-भाषिक विधि (Audiolingualism) ठीक इसी पहले वर्ग में आती है — यह भाषा को आदतों के समुच्चय के रूप में देखती है और वाक्य-प्रतिरूप ड्रिल (pattern drills) की बार-बार पुनरावृत्ति द्वारा सही भाषिक आदतें बनाती है, साथ ही भाषा के औपचारिक गुणधर्मों (संरचना, व्याकरण, उच्चारण) में शुद्धता व निपुणता को शिक्षण का आवश्यक लक्ष्य मानती है — यह प्रश्न में वर्णित मापदंड (ड्रिल + औपचारिक गुणों में निपुणता) से ठीक मेल खाता है।
तुलना (अन्य विकल्प):
सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण अर्थपूर्ण संप्रेषण व भाषा-प्रवाह को प्राथमिकता देती है; इसमें यांत्रिक ड्रिल या औपचारिक शुद्धता केंद्रीय लक्ष्य नहीं है।
व्याकरण अनुवाद विधि मातृभाषा के माध्यम से व्याकरण नियमों की व्याख्या व अनुवाद अभ्यास पर बल देती है, न कि मौखिक ड्रिल पर।
कुल भौतिक प्रतिक्रिया भाषा-ग्रहण को शारीरिक क्रिया व आदेश-पालन से जोड़ती है, औपचारिक भाषिक गुणों के अभ्यास से नहीं।
अतः सही उत्तर श्रव्य-भाषिक विधि (Audiolingualism) है।