कौशलों के उस समूह को क्या कहेंगे जो बच्चे औपचारिक पठन निर्देश शुरू करने से…
2023
कौशलों के उस समूह को क्या कहेंगे जो बच्चे औपचारिक पठन निर्देश शुरू करने से पहले विकसित कर लेते हैं और जो बाद के अकादमिक कौशलों के लिए बुनियाद प्रदान करता है ?
- A.
उद्गामी साक्षरता
- B.
उद्गामी (इमरजेंट) समाधान
- C.
उद्गामी पाठ्यचर्या
- D.
उद्गामी गुणधर्म
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Correct answer: A
बाल-विकास एवं शिक्षा-मनोविज्ञान में, बच्चे औपचारिक पठन-लेखन निर्देश शुरू होने से पहले ही मौखिक भाषा, ध्वन्यात्मक जागरूकता, शब्दावली और मुद्रित सामग्री की समझ जैसे कई कौशल घर व परिवेश में कहानी सुनने, बातचीत और अन्य अनौपचारिक अंतःक्रियाओं के माध्यम से अर्जित कर लेते हैं। इस प्रकार औपचारिक निर्देश से पहले अनौपचारिक रूप से अर्जित होने वाले इस आधारभूत कौशल-समूह को दर्शाने के लिए शिक्षाशास्त्र में एक विशिष्ट पारिभाषिक शब्द प्रयोग किया जाता है, और यही कौशल-समूह आगे चलकर औपचारिक साक्षरता व अकादमिक उपलब्धि की बुनियाद बनता है।
प्रश्न में दी गई परिभाषा — 'औपचारिक पठन निर्देश शुरू होने से पहले विकसित होने वाला कौशल-समूह जो बाद के अकादमिक कौशलों के लिए बुनियाद देता है' — ठीक इसी अवधारणा से मेल खाती है; शिक्षा-मनोविज्ञान में इसे 'उद्गामी साक्षरता' (Emergent Literacy) कहा जाता है।
अन्य विकल्पों से अंतर (क्रॉस-चेक):
उद्गामी समाधान: यह शब्द जटिल समस्या-समाधान प्रक्रियाओं में घटकों की परस्पर क्रिया से उभरकर सामने आने वाले हल को दर्शाता है, न कि बच्चों में विकसित होने वाले पूर्व-साक्षरता कौशलों को।
उद्गामी पाठ्यचर्या: यह एक शिक्षण-योजना दृष्टिकोण है जिसमें पाठ्यक्रम पहले से तय होने के बजाय बच्चों की रुचियों व कक्षा-अवलोकनों के आधार पर क्रमिक रूप से उभरकर आकार लेता है — यह शिक्षक की योजना-प्रक्रिया है, बच्चों के कौशल-समूह का नाम नहीं।
उद्गामी गुणधर्म: यह प्रणाली-विज्ञान (systems) से जुड़ा शब्द है, जो किसी जटिल तंत्र के घटकों की परस्पर क्रिया से उभरने वाली उस विशेषता को दर्शाता है जो अकेले घटकों में नहीं होती, न कि बाल-विकास में पठन-पूर्व कौशलों को।
अतः पूछे गए विवरण के लिए सही शब्द उद्गामी साक्षरता है।