रचनात्मक मूल्यांकन क्या है ?

2023

रचनात्मक मूल्यांकन क्या है ?

  1. A.

    परिवर्तन से संबंधित नहीं है।

  2. B.

    शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में क्या हो रहा है।

  3. C.

    अधिगम में हो रहे विकास और सुधार से संबंधित है।

  4. D.

    कोर्स में एक पूर्वनिर्धारित या विशेष चरण में किया जाता है।

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Correct answer: C

शैक्षिक मूल्यांकन को उसके संपन्न होने के समय और उसके प्रयोजन के आधार पर व्यापक रूप से रचनात्मक अथवा योगात्मक मूल्यांकन में वर्गीकृत किया जाता है। रचनात्मक मूल्यांकन शिक्षण-अधिगम के दौरान संचालित एक सतत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य शिक्षार्थी की प्रगति की निगरानी करना और ऐसी प्रतिपुष्टि उत्पन्न करना है जो अधिगम की प्रक्रिया के साथ-साथ उसमें सुधार करने में सहायक हो। इसके विपरीत, योगात्मक मूल्यांकन सामान्यतः किसी निश्चित, पूर्वनिर्धारित बिंदु—जैसे इकाई अथवा पाठ्यक्रम की समाप्ति—पर अधिगम पूरा होने के बाद समग्र उपलब्धि का आकलन करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न में रचनात्मक मूल्यांकन की परिभाषक प्रकृति पूछी गई है। दिए गए विवरणों में वह विवरण इस प्रक्रिया-उन्मुख, सुधार हेतु प्रतिपुष्टि वाली परिभाषा को व्यक्त करता है, जो मूल्यांकन को अधिगम के भीतर हो रहे सतत विकास और सुधार से जोड़ता है—न कि किसी निश्चित समय-बिंदु, कक्षा की गतिविधि के मात्र वर्णन अथवा परिवर्तन से किसी भी संबंध के निषेध से।

अन्य विवरण उतने उपयुक्त क्यों नहीं हैं:

  • परिवर्तन से किसी भी संबंध को नकारने वाला विवरण रचनात्मक मूल्यांकन की मूल अवधारणा का ही खंडन करता है, क्योंकि इसका उद्देश्य शिक्षार्थी की समझ में होने वाले परिवर्तनों को घटित होते समय जानना और उनके अनुरूप कार्य करना है।

  • जो विवरण केवल शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में वर्तमान में हो रही गतिविधि को बताता है, पर यह स्पष्ट नहीं करता कि उस अवलोकन से प्राप्त प्रतिपुष्टि अधिगम-सुधार में प्रयुक्त होती है, वह विशेष रूप से रचनात्मक मूल्यांकन की परिभाषा बनने के लिए अत्यधिक सामान्य है।

  • पाठ्यक्रम के किसी पूर्वनिर्धारित अथवा विशिष्ट चरण से जुड़ा विवरण योगात्मक मूल्यांकन के समय और प्रयोजन—अर्थात किसी निश्चित बिंदु पर एकबारगी निर्णय—को दर्शाता है, न कि रचनात्मक मूल्यांकन की सतत और प्रतिपुष्टि-प्रेरित प्रकृति को।

चूँकि रचनात्मक मूल्यांकन को विकसित होते अधिगम की निगरानी और उसमें सुधार करने की भूमिका से परिभाषित किया जाता है—न कि निषेध, सामान्य अवलोकन अथवा निश्चित समय-सारणी से—इसलिए अधिगम में हो रहे सतत विकास और सुधार से जुड़ा विवरण सही परिभाषा है। यह इस प्रश्न के लिए सीटीईटी २०२३ प्रश्नपत्र १ की आधिकारिक उत्तर-कुंजी से मेल खाता है।

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