प्राथमिक स्तर पर भाषा कौशल का आकलन करने के लिए भाषा अध्यापक को मुख्यतः किस पर…

2024

प्राथमिक स्तर पर भाषा कौशल का आकलन करने के लिए भाषा अध्यापक को मुख्यतः किस पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए?

  1. A.

    वर्णमाला के अक्षरों की पहचान करना।

  2. B.

    विराम चिह्नों का प्रयोग।

  3. C.

    उचित गति के साथ पठन।

  4. D.

    समझ के साथ पठन।

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Correct answer: D

अवधारणा: प्राथमिक स्तर पर भाषा-अधिगम का अंतिम लक्ष्य विद्यार्थी की संप्रेषण क्षमता विकसित करना है, न कि केवल यांत्रिक (mechanical) कौशलों में दक्षता। इसलिए भाषा कौशल के आकलन में सबसे अधिक महत्व 'समझ के साथ पठन' (Reading with Understanding) को दिया जाता है, क्योंकि यही यह दर्शाता है कि विद्यार्थी भाषा का वास्तविक अर्थपूर्ण प्रयोग कर पा रहा है या नहीं।

अनुप्रयोग: प्रश्न में दिए गए चार विकल्प भाषा-कौशल के अलग-अलग स्तर दर्शाते हैं — अक्षर-पहचान, विराम चिह्नों का प्रयोग, पठन-गति और पठन-बोध। इनमें पठन-बोध सबसे उच्चस्तरीय और समग्र कौशल है, क्योंकि इसके लिए अक्षर-ज्ञान, शब्द-भंडार और वाक्य-संरचना — तीनों की समझ आवश्यक होती है। अतः आकलन का केंद्र-बिंदु इसी कौशल पर होना चाहिए।

  • वर्णमाला के अक्षरों की पहचान: यह भाषा-अधिगम का प्रारंभिक व यांत्रिक चरण है, जो आगे के पठन-कौशल की नींव तैयार करता है, परंतु स्वयं अर्थ-ग्रहण को नहीं दर्शाता।

  • विराम चिह्नों का प्रयोग: यह लेखन को स्पष्ट व सुव्यवस्थित बनाने से जुड़ा एक तकनीकी उप-कौशल है, जो अर्थ-ग्रहण की तुलना में गौण है।

  • उचित गति के साथ पठन: यह प्रवाह (fluency) का सूचक है — तेज़ी से पढ़ना यह गारंटी नहीं देता कि विद्यार्थी पाठ का अर्थ भी ग्रहण कर रहा है।

  • समझ के साथ पठन: इसमें विद्यार्थी पाठ के अर्थ, संदर्भ और भाव को ग्रहण करता है, जो भाषा के व्यावहारिक प्रयोग का सबसे प्रत्यक्ष प्रमाण है।

निष्कर्ष: चूँकि प्राथमिक स्तर पर भाषा-आकलन का मुख्य उद्देश्य यह जाँचना है कि विद्यार्थी पाठ का अर्थ समझ पा रहा है या नहीं, इसलिए 'समझ के साथ पठन' ही सबसे उपयुक्त उत्तर है।

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