Comprehension: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नांकित प्रश्न का उत्तर दीजिए…
2025
Comprehension:
दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नांकित प्रश्न का उत्तर दीजिए
संध्या का समय है, डूबने वाले सूर्य की सुनहरी किरणें रंगीन शीशों की आड़ से, एक अंग्रेजी ढंग पर सजे हुए कमरे में झाँक रही हैं जिससे सारा कमरा रंगीन हो रहा है। अंग्रेजी ढंग की मनोहर तस्वीरें, जो दीवारों से लटक रहीं हैं, इस समय रंगीन वस्त्र धारण करके और भी सुंदर मालूम होती हैं। कमरे के बीचों-बीच एक गोल मेज़ है जिसके चारों तरफ नर्म मखमली गद्दों की रंगीन कुर्सियाँ बिछी हुई हैं। इनमें से एक कुर्सी पर एक युवा पुरुष सिर नीचा किये हुए बैठा कुछ सोच रहा है। वह अति सुंदर और रूपवान पुरुष है जिस पर अंग्रेजी काट के कपड़े बहुत भले मालूम होते हैं। उसके सामने मेज पर एक कागज़ है जिसको वह बार-बार देखता है। उसके चेहरे से ऐसा विदित होता है कि इस समय वह किसी गहरे सोच में डूबा हुआ है। थोड़ी देर तक वह इसी तरह पहलू बदलता रहा, फिर वह एकाएक उठा और कमरे से बाहर निकलकर बरांडे में टहलने लगा, जिसमें मनोहर फूलों और पत्तों के गमले सजाकर धरे हुए थे। वह बरांडे से फिर कमरे में आया और कागज का टुकड़ा उठाकर बड़ी बेचैनी के साथ इधर-उधर टहलने लगा।
उपरोक्त गद्यांश के आधार पर उत्तर दें।
लेखक के अनुसार पुरुष कमरे में क्या कर रहा था?
Answer: D. कुर्सी पर बैठा सोच रहा था। — अवधारणा: गद्यांश-आधारित प्रत्यक्ष विवरण वाले प्रश्न में सही विकल्प वही होता है जिसका कथन गद्यांश में ज्यों-का-त्यों वर्णित हो; उत्तर देने के लिए गद्यांश से…
- A.
गा रहा था।
- B.
दफ्तर के बहुत ज़रूरी काम में व्यस्त था।
- C.
नाच रहा था।
- D.
कुर्सी पर बैठा सोच रहा था।
Attempted by 33 students.
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Correct answer: D
अवधारणा: गद्यांश-आधारित प्रत्यक्ष विवरण वाले प्रश्न में सही विकल्प वही होता है जिसका कथन गद्यांश में ज्यों-का-त्यों वर्णित हो; उत्तर देने के लिए गद्यांश से आगे की कोई अटकल नहीं, बल्कि उसी विशिष्ट वाक्य को खोजना होता है जो पात्र की क्रिया का सीधा वर्णन करता है।
अनुप्रयोग: गद्यांश में स्पष्ट रूप से लिखा है कि इनमें से एक कुर्सी पर एक युवा पुरुष सिर नीचा किये हुए बैठा कुछ सोच रहा है। यह वाक्य सीधे बताता है कि पुरुष कुर्सी पर बैठा हुआ था और गहरी सोच में डूबा हुआ था।
तुलना:
गाना: गद्यांश में कहीं भी स्वर, राग या गीत गाने का उल्लेख नहीं है, इसलिए यह क्रिया गद्यांश के वर्णन से मेल नहीं खाती।
दफ़्तर के ज़रूरी काम में व्यस्त होना: गद्यांश में मेज़ पर एक कागज़ का उल्लेख है, पर उसे दफ़्तर, फ़ाइल या कामकाज से जोड़ने वाला कोई शब्द नहीं है; कागज़ को बार-बार देखना गहरे सोच का संकेत है, किसी कार्यालयीन कार्य का नहीं।
नाचना: गद्यांश में पुरुष के कमरे और बरांडे में टहलने का उल्लेख है, पर थिरकने, कदम मिलाने या नाचने से जुड़ा कोई शब्द नहीं है; टहलना नृत्य से भिन्न क्रिया है।
कुर्सी पर बैठकर सोचना: गद्यांश का "सिर नीचा किये हुए बैठा कुछ सोच रहा है" वाक्य इसी क्रिया का प्रत्यक्ष वर्णन है, इसलिए यही गद्यांश के वर्णन से पूरी तरह मेल खाता है।
निष्कर्ष: अतः गद्यांश के वर्णन के आधार पर पुरुष कुर्सी पर बैठा हुआ गहरे विचार में डूबा हुआ था।