Comprehension: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर दीजिए--…
2025
Comprehension:
दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर दीजिए--
मनुष्य शारीरिक कष्ट से ही पीछे हटनेवाला प्राणी नहीं है। मानसिक क्लेश की संभावना से भी बहुत-से कर्मों की ओर प्रवृत्त होने का साहस उसे नहीं होता। जिन बातों से समाज के बीच उपहास, निंदा, अपमान इत्यादि का भय रहता है, उन्हें अच्छी और कल्याणकारिणी समझते हुए भी बहुत से लोग उनसे दूर रहते हैं। प्रत्यक्ष हानि देखते हुए भी कुछ प्रथाओं का अनुसरण बड़े-बड़े समझदार तक, इसीलिए करते चलते हैं कि उनके त्याग से वे बुरे कहे जाएँगे, लोगों में उनका वैसा आदर-सम्मान न रह जाएगा। उनके लिए मान-ग्लानि का कष्ट सब शारीरिक क्लेशों से बढ़कर होता है। जो लोग मान-अपमान का कुछ भी ध्यान न करके, निंदा-स्तुति की कुछ भी परवा न करके किसी प्रचलित प्रथा के विरुद्ध पूर्ण तत्परता और प्रसन्नता के साथ कार्य करने जाते हैं, वे एक ओर तो उत्साही और वीर कहलाते हैं, दूसरी ओर भारी बेहया।
वे लोग एक ओर उत्साही और दूसरी ओर बेहया कहलाते हैं जो-
Answer: A. अपमान का ध्यान न करते हुए प्रचलित प्रथा के विरुद्ध जाते हैं। — अवधारणा: अपठित गद्यांश (Reading Comprehension) आधारित प्रश्नों में उत्तर पूर्णतः गद्यांश में दी गई सूचना पर आधारित होता है। प्रश्न में प्रयुक्त पदों के लिए…
- A.
अपमान का ध्यान न करते हुए प्रचलित प्रथा के विरुद्ध जाते हैं।
- B.
शारीरिक कष्ट के कारण पीछे हटते हैं।
- C.
मानसिक कष्ट के कारण पीछे हटते हैं।
- D.
समझदार होते हैं।
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Correct answer: A
अवधारणा: अपठित गद्यांश (Reading Comprehension) आधारित प्रश्नों में उत्तर पूर्णतः गद्यांश में दी गई सूचना पर आधारित होता है। प्रश्न में प्रयुक्त पदों के लिए गद्यांश के उसी वाक्य को खोजना होता है जिसमें ठीक वे ही भाव व्यक्त हुए हों, और उस वाक्य में वर्णित शर्त या व्यवहार को पहचानना होता है — बाहरी अनुमान या सामान्य ज्ञान का प्रयोग किए बिना।
अनुप्रयोग: गद्यांश के अंतिम वाक्य में लिखा है — 'जो लोग मान-अपमान का कुछ भी ध्यान न करके, निंदा-स्तुति की कुछ भी परवा न करके किसी प्रचलित प्रथा के विरुद्ध पूर्ण तत्परता और प्रसन्नता के साथ कार्य करने जाते हैं, वे एक ओर तो उत्साही और वीर कहलाते हैं, दूसरी ओर भारी बेहया।' यह वाक्य प्रश्न में पूछे गए दोनों पदों को एक साथ जोड़ता है और स्पष्ट करता है कि यह विशेषता किन व्यक्तियों पर लागू होती है।
तुलना: शेष विकल्पों में वर्णित व्यवहार गद्यांश के अन्य भागों से संबंधित हैं, किन्तु प्रश्न में पूछी गई विशेषता के प्रसंग से नहीं जुड़ते:
शारीरिक कष्ट के कारण पीछे हटना — गद्यांश की पहली पंक्ति में वर्णित है ('मनुष्य शारीरिक कष्ट से ही पीछे हटनेवाला प्राणी नहीं है'), जो मनुष्य की सामान्य प्रवृत्ति के बारे में एक भिन्न कथन है।
मानसिक कष्ट के कारण पीछे हटना — गद्यांश की दूसरी पंक्ति में वर्णित है ('मानसिक क्लेश की संभावना से भी ... साहस उसे नहीं होता'), जो उपहास-निंदा के भय से बचने वालों की बात करता है।
समझदार होना — गद्यांश में 'बड़े-बड़े समझदार' का उल्लेख उन लोगों के लिए हुआ है जो हानि जानते हुए भी आदर-सम्मान बनाए रखने हेतु प्रथा का अनुसरण करते चलते हैं — यह आचरण गद्यांश के अंतिम वाक्य में वर्णित व्यवहार से भिन्न है।
अतः 'अपमान का ध्यान न करते हुए प्रचलित प्रथा के विरुद्ध जाना' — यही कथन गद्यांश के अंतिम वाक्य से पूर्णतः मेल खाता है।