भाषा सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को रोचक और सोद्देश्यपूर्ण बनाने में सर्वाधिक…
2021
भाषा सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को रोचक और सोद्देश्यपूर्ण बनाने में सर्वाधिक प्रभावी है
Answer: A. कक्षा के प्रिंट समृद्ध परिवेश का उपयोग — भाषा-शिक्षण के रचनावादी सिद्धांत के अनुसार, बच्चे भाषा तब सबसे प्रभावी ढंग से सीखते हैं जब वे सार्थक, वास्तविक और प्रचुर मुद्रित सामग्री से घिरे होते हैं। ऐसा…
- A.
कक्षा के प्रिंट समृद्ध परिवेश का उपयोग
- B.
पाठ्य-पुस्तक के अभ्यास
- C.
कहानी, कविता की पंक्तियाँ देखकर लिखना
- D.
टी.वी. धारावाहिकों के नाम लिखना
Attempted by 7 students.
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Correct answer: A
भाषा-शिक्षण के रचनावादी सिद्धांत के अनुसार, बच्चे भाषा तब सबसे प्रभावी ढंग से सीखते हैं जब वे सार्थक, वास्तविक और प्रचुर मुद्रित सामग्री से घिरे होते हैं। ऐसा प्रिंट समृद्ध परिवेश बच्चों को स्वाभाविक रूप से पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करता है और भाषा-अधिगम को रोचक तथा सोद्देश्यपूर्ण बनाता है — यह NCF और CTET भाषा-शिक्षाशास्त्र का एक स्थापित सिद्धांत है।
दिए गए विकल्पों में से केवल "कक्षा के प्रिंट समृद्ध परिवेश का उपयोग" ही इस रचनावादी सिद्धांत के अनुरूप है — इसमें बच्चे कक्षा में लगे पोस्टर, चार्ट, लेबल, पुस्तकों आदि के माध्यम से भाषा से सक्रिय रूप से जुड़ते हैं, जो सीखने को अर्थपूर्ण और आनंददायक बनाता है।
पाठ्य-पुस्तक के अभ्यास निर्धारित एवं रटन्त-आधारित होते हैं, जो बच्चों को पाठ्यपुस्तक की सीमाओं तक बांधते हैं और सृजनात्मक भाषा-उपयोग के अवसर को सीमित करते हैं।
कहानी-कविता की पंक्तियाँ देखकर लिखना मात्र प्रतिलिपि की क्रिया है, जिसमें भाषा की समझ या सृजनात्मक प्रयोग शामिल नहीं होता।
टी.वी. धारावाहिकों के नाम लिखना एक ऐसी गतिविधि है जो भाषा-कौशल या समझ के विकास से सीधे नहीं जुड़ी है और शैक्षिक दृष्टि से अप्रासंगिक मानी जाती है।
अतः, कक्षा के प्रिंट समृद्ध परिवेश का उपयोग भाषा सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को रोचक और सोद्देश्यपूर्ण बनाने में सर्वाधिक प्रभावी है।
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