शब्द का अर्थ स्पष्ट करने हेतु कौन-सा तरीका सर्वाधिक उपयुक्त है?
2016
शब्द का अर्थ स्पष्ट करने हेतु कौन-सा तरीका सर्वाधिक उपयुक्त है?
Answer: A. वाक्यप्रयोग — संकल्पनाभाषा-शिक्षण का मूल सिद्धांत यह है कि किसी शब्द का अर्थ उसके प्रयोग-सन्दर्भ से निर्धारित होता है। अकेला शब्द प्रायः बहुअर्थी रहता है, किन्तु जैसे ही वह…
- A.
वाक्यप्रयोग
- B.
व्याख्यान
- C.
भ्रमण
- D.
चित्र-निर्माण
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Correct answer: A
संकल्पना
भाषा-शिक्षण का मूल सिद्धांत यह है कि किसी शब्द का अर्थ उसके प्रयोग-सन्दर्भ से निर्धारित होता है। अकेला शब्द प्रायः बहुअर्थी रहता है, किन्तु जैसे ही वह किसी सार्थक वाक्य में आता है, उसका सहप्रयोग, वाक्य-सन्दर्भ और व्याकरणिक भूमिका मिलकर उसका अर्थ निश्चित कर देते हैं।
इसी कसौटी पर अर्थ-स्पष्टीकरण की विधियों को परखा जाता है — जो विधि शब्द को सीधे सार्थक प्रयोग-सन्दर्भ में रखकर प्रस्तुत करे, वह सभी प्रकार के शब्दों पर समान रूप से लागू होती है और अर्थ को न्यूनतम भ्रम के साथ स्पष्ट करती है।
प्रयोग
इस कसौटी को प्रश्न में दी गई विधियों पर लागू करें। वाक्यप्रयोग शब्द को सीधे एक सार्थक वाक्य के भीतर रखता है। उदाहरण के लिए, ‘कल’ शब्द अकेले में अस्पष्ट है:
‘कल मैं दिल्ली जाऊँगा।’ — भविष्यकालिक क्रिया ‘जाऊँगा’ के सहप्रयोग से ‘कल’ का अर्थ आगामी दिन निश्चित हुआ।
‘कल मैं दिल्ली गया था।’ — भूतकालिक क्रिया ‘गया था’ के कारण वही शब्द बीते दिन का अर्थ देता है।
‘मशीन का कल टूट गया।’ — ‘मशीन’ के सन्दर्भ से ‘कल’ का अर्थ पुर्जा हो जाता है।
तीनों वाक्यों में शब्द एक ही है, पर वाक्य-सन्दर्भ बदलते ही अर्थ बदल गया। इससे स्पष्ट है कि वाक्य ही वह इकाई है जो शब्द के अर्थ को निश्चित करती है; साथ ही छात्र शब्द का अर्थ और उसका शुद्ध प्रयोग एक साथ सीख लेता है।
तुलना
व्याख्यान — इसका दायरा पूरा प्रकरण होता है और छात्र मुख्यतः श्रोता रहता है; किसी एक शब्द का अर्थ इसमें प्रसंगवश ही आता है, अलग से निश्चित नहीं होता।
भ्रमण — यह परिवेश का प्रत्यक्ष अनुभव देता है, जो केवल उन्हीं शब्दों तक सीमित रहता है जिनसे जुड़ी वस्तु या स्थल बाहर जाकर देखे जा सकें; अमूर्त शब्दों पर यह लागू नहीं होता।
चित्र-निर्माण — यह मूर्त और दृश्यगोचर वस्तुओं के लिए उपयोगी है, किन्तु ‘साहस’, ‘यद्यपि’ जैसे अमूर्त या सम्बन्धसूचक शब्दों का अर्थ चित्र से नहीं बनता।
अतः प्रत्येक प्रकार के शब्द पर समान रूप से लागू होने वाली तथा अर्थ को सन्दर्भ सहित निश्चित करने वाली विधि होने के कारण वाक्यप्रयोग शब्द का अर्थ स्पष्ट करने का सर्वाधिक उपयुक्त तरीका है।
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