अध्यापकों, शिक्षार्थियों और सामग्री पर टैस्ट एवं आकलन का प्रभाव क्या कहलाता है?
2024
अध्यापकों, शिक्षार्थियों और सामग्री पर टैस्ट एवं आकलन का प्रभाव क्या कहलाता है?
Answer: B. भाषा परीक्षण का प्रभाव (वाशबैक इफेक्ट) — संकल्पना: भाषा-परीक्षण एवं शैक्षिक आकलन के सिद्धांत में, टैस्ट व आकलन का अध्यापकों, शिक्षार्थियों और सामग्री पर पड़ने वाला प्रभाव 'वाशबैक प्रभाव' (Washback…
- A.
विधि प्रभाव (कार्पस इफेक्ट)
- B.
भाषा परीक्षण का प्रभाव (वाशबैक इफेक्ट)
- C.
कक्षायी प्रभाव
- D.
पुनर्बलन
Attempted by 9 students.
Show answer & explanation
Correct answer: B
संकल्पना: भाषा-परीक्षण एवं शैक्षिक आकलन के सिद्धांत में, टैस्ट व आकलन का अध्यापकों, शिक्षार्थियों और सामग्री पर पड़ने वाला प्रभाव 'वाशबैक प्रभाव' (Washback Effect, जिसे 'बैकवाश प्रभाव' भी कहा जाता है) कहलाता है। यह परीक्षण की संरचना, विषय-वस्तु एवं महत्त्व का प्रत्यक्ष परिणाम है — अर्थात् अध्यापक क्या और कैसे पढ़ाते हैं, कौन-सी सामग्री प्रयुक्त होती है, तथा शिक्षार्थी कैसे अध्ययन करते हैं, यह सब इसी प्रभाव के अंतर्गत आता है। वाशबैक प्रभाव सकारात्मक (उचित शिक्षण-पद्धति को प्रोत्साहित करने वाला) या नकारात्मक (शिक्षण को केवल परीक्षा-प्रारूप के रटंत अभ्यास तक सीमित करने वाला) हो सकता है।
अनुप्रयोग: प्रश्न-मूल में ठीक यही तंत्र वर्णित है — टैस्ट एवं आकलन का प्रभाव अध्यापकों (उनके शिक्षण-निर्णयों), शिक्षार्थियों (उनके अध्ययन-व्यवहार) और सामग्री (पाठ्यपुस्तकों/संसाधनों) तक पहुँचता है, जो वाशबैक प्रभाव की मानक परिभाषा से पूर्णतः मेल खाता है।
अंतर (अन्य विकल्प उपयुक्त क्यों नहीं हैं):
विधि प्रभाव/कार्पस इफेक्ट: विधि प्रभाव मापन-सिद्धांत में भिन्न-भिन्न मापन-विधियों के प्रयोग से परिणामों में उत्पन्न पूर्वाग्रह को कहते हैं, तथा कार्पस भाषाविज्ञान में शब्द-आवृत्ति व प्रयोग-प्रतिरूपों के अध्ययन हेतु प्रयुक्त पाठों का विशाल, संरचित संग्रह है — दोनों ही परीक्षण द्वारा शिक्षण-अधिगम को प्रभावित किए जाने से भिन्न सिद्धांत हैं।
कक्षायी प्रभाव: यह परीक्षण-सिद्धांत का कोई स्थापित तकनीकी पद नहीं है; यह अध्यापक-शिक्षार्थी-सामग्री पर पड़ने वाली विशिष्ट प्रभाव-शृंखला को व्यक्त नहीं करता।
पुनर्बलन: यह व्यवहारवादी मनोविज्ञान की संकल्पना है, जो बताती है कि पुरस्कारदायी उद्दीपक जोड़े जाने (सकारात्मक पुनर्बलन) या अप्रिय उद्दीपक हटाए जाने (नकारात्मक पुनर्बलन) से किसी अनुक्रिया की भविष्य में संभावना किस प्रकार बढ़ती है (इसके विपरीत, दंड किसी अनुक्रिया की संभावना घटाता है) — यह वैयक्तिक व्यवहार के अनुबंधन की व्याख्या करता है, न कि परीक्षा-रचना के व्यापक शिक्षण-अधिगम अभ्यास पर पड़ने वाले प्रभाव की।
परिणाम: प्रश्न-मूल से सटीक रूप से मेल खाने वाला पद भाषा-परीक्षण का प्रभाव अर्थात् वाशबैक प्रभाव है।
Explore the full course: Upessc Assistant Teacher Recruitment