निम्नलिखित में से कौन-सा बौद्ध मठ-विषयक विश्वविद्यालय नहीं है?
2024
निम्नलिखित में से कौन-सा बौद्ध मठ-विषयक विश्वविद्यालय नहीं है?
Answer: B. तक्षशिला — संकल्पना। बौद्ध मठ-विषयक विश्वविद्यालय (महाविहार) ऐसा आवासीय विहार होता है जो साथ ही सामूहिक शिक्षण-संस्था के रूप में कार्य करता है: भवन तथा राजकीय भूमि-दान…
- A.
नालंदा
- B.
तक्षशिला
- C.
विक्रमशिला
- D.
उदंतपुरी
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Correct answer: B
संकल्पना। बौद्ध मठ-विषयक विश्वविद्यालय (महाविहार) ऐसा आवासीय विहार होता है जो साथ ही सामूहिक शिक्षण-संस्था के रूप में कार्य करता है: भवन तथा राजकीय भूमि-दान संघ के अधीन होते हैं, प्रवेश तथा अध्ययन की व्यवस्था स्वयं भिक्षु-समूह करता है, और पाठ्यक्रम का आधार बौद्ध त्रिपिटक (विनय, सुत्त, अभिधम्म) के साथ तर्कशास्त्र, व्याकरण, ज्योतिष और चिकित्सा रहता है। यह संस्था-रूप ऐसे प्राचीन शिक्षा-केन्द्र से भिन्न है जो स्वतन्त्र आचार्यों के बिखरे हुए गुरुकुलों के समूह के रूप में संगठित था, जहाँ प्रत्येक आचार्य अपना गुरुकुल चलाता था, विद्यार्थी संस्था से नहीं बल्कि आचार्य से जुड़ता था, और कोई सामूहिक मठ-संगठन, साझा आवास या साझा भूमि-दान नहीं था। अतः इस प्रश्न की कसौटी संस्था-रूप है, न कि केवल यह कि उस स्थान पर बौद्ध धर्म पढ़ाया जाता था या नहीं।
अनुप्रयोग। चार में से तीन नाम मगध (बिहार) की महाविहार-पट्टी से आते हैं। नालंदा का विकास कुमारगुप्त प्रथम से आरम्भ होकर गुप्त तथा बाद में पाल आश्रय में हुआ; ह्वेनसांग ने इसे भिक्षु-आचार्यों और भिक्षु-छात्रों वाले प्राचीरबद्ध विहार-समूह के रूप में वर्णित किया है। विक्रमशिला की स्थापना पाल शासक धर्मपाल ने की और यह तान्त्रिक बौद्ध अध्ययन का केन्द्र रहा। उदंतपुरी की स्थापना पाल शासक गोपाल ने की और इसकी जानकारी मुख्यतः तिब्बती विवरणों से मिलती है। तक्षशिला इनसे बहुत दूर उत्तर-पश्चिम में गान्धार में, मध्य एशिया के व्यापार-मार्ग पर स्थित थी, और महाविहार रूप के उदय से कई शताब्दी पूर्व, लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व से, स्वतन्त्र आचार्यों के बिखरे हुए गुरुकुलों के समूह के रूप में समृद्ध थी; वैयाकरण पाणिनि, कौटिल्य (चाणक्य) तथा वैद्य जीवक के नाम परम्परागत रूप से इससे जुड़े हैं। आगे चलकर मौर्य तथा कुषाण आश्रय में तक्षशिला क्षेत्र में धर्मराजिका, जौलियाँ और मोहरा मुरादू जैसे बौद्ध विहार अवश्य विकसित हुए, इसलिए तक्षशिला को महत्त्वपूर्ण बौद्ध शिक्षा-केन्द्र भी कहा जाता है; परन्तु यह कभी भी संघ द्वारा संचालित एकल मठीय विश्वविद्यालय के रूप में गठित नहीं हुई।
मान-आधारित प्रति-परीक्षण।
नालंदा — मगध का महाविहार; सामूहिक भिक्षु-संघ; गुप्त तथा पाल आश्रय।
विक्रमशिला — पाल शासक धर्मपाल द्वारा स्थापित महाविहार; तान्त्रिक बौद्ध पाठ्यक्रम।
उदंतपुरी — पाल शासक गोपाल द्वारा स्थापित महाविहार; तिब्बती स्रोतों में अभिलिखित भिक्षु-आवास।
तक्षशिला — स्वतन्त्र आचार्यों पर आधारित गान्धार का बिखरा हुआ शिक्षा-केन्द्र; क्षेत्र में बौद्ध विहार थे, किन्तु शिक्षा-केन्द्र स्वयं महाविहार के रूप में संगठित नहीं था।
परिणाम। जो नाम बौद्ध मठ-विषयक विश्वविद्यालय को नहीं दर्शाता, वह तक्षशिला है; यही इस प्रश्नपत्र की आधिकारिक उत्तर-कुंजी के अनुरूप भी है। परीक्षा के लिए सूत्र: महाविहार गुप्त-पाल आश्रय में मगध में केन्द्रित एकल मठीय संस्थाएँ थीं, जबकि तक्षशिला गान्धार की और उससे पुरानी, आचार्य-केन्द्रित बिखरी हुई परम्परा से सम्बद्ध थी।