‘कपिश-कपीश’ शब्द-युग्म का इनमें से सही अर्थ है

2021

‘कपिश-कपीश’ शब्द-युग्म का इनमें से सही अर्थ है

Answer: C. मटमैला-सुग्रीवअवधारणासमान दिखने वाले शब्द-युग्मों में प्रत्येक शुद्ध वर्तनी का अपना अलग शाब्दिक अर्थ होता है। स्वर की मात्रा में परिवर्तन से भिन्न शब्द बन सकता है; इसलिए…

  1. A.

    तपन-वानर

  2. B.

    जलता हुआ-हनुमान

  3. C.

    मटमैला-सुग्रीव

  4. D.

    मलिन-खजाना

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Correct answer: C

अवधारणा

समान दिखने वाले शब्द-युग्मों में प्रत्येक शुद्ध वर्तनी का अपना अलग शाब्दिक अर्थ होता है। स्वर की मात्रा में परिवर्तन से भिन्न शब्द बन सकता है; इसलिए दोनों वर्तनियों के क्रम के अनुसार दोनों अर्थों का मिलान करना चाहिए।

“कपिश” फीके भूरे या भूरापन लिए हुए रंग का विशेषण है। “कपीश” शब्द “कपि” अर्थात बंदर और “ईश” अर्थात स्वामी से बना है तथा सुग्रीव जैसे वानरराज के लिए प्रयुक्त हो सकता है।

अनुप्रयोग

  1. पहली वर्तनी “कपिश” पढ़कर उसका मिलान “मटमैला” से करें, जो फीके या भूरापन लिए हुए रंग को व्यक्त करता है।

  2. दूसरी वर्तनी “कपीश” पढ़कर उसका मिलान “सुग्रीव” से करें, जो रामायण में वानरराज हैं।

  3. मूल क्रम बनाए रखने पर युग्म “मटमैला–सुग्रीव” प्राप्त होता है।

अंतर

  • “तपन–वानर” में ऊष्मा या सूर्य का मिलान बंदर के सामान्य शब्द से किया गया है।

  • “जलता हुआ–हनुमान” में दूसरा पद संगत है, क्योंकि “कपीश” हनुमान के लिए भी प्रयुक्त होता है; किंतु पहला पद जलने की अवस्था बताता है, “कपिश” का अर्थ नहीं।

  • “मलिन–ख़ज़ाना” में अशुद्धता या गंदगी का मिलान धन-संपदा के भंडार वाली संज्ञा से किया गया है।

निष्कर्ष

अतः “कपिश–कपीश” के अर्थ “मटमैला–सुग्रीव” हैं।

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