निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले…
2023
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है । इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं । दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं । दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं । यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है । पाप का फल सुख रोकता है । सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी । दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना । जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं । जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है । दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है ।
किस शब्द में ‘इक’ प्रत्यय का प्रयोग संभव है ?
Answer: A. धर्म — अवधारणा — ‘इक’ तद्धित प्रत्ययप्रत्यय वह शब्दांश है जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है। ‘इक’ संस्कृत से आया तद्धित प्रत्यय है, जो संज्ञा से ‘…से…
- A.
धर्म
- B.
सुख
- C.
दुख
- D.
पाप
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Correct answer: A
अवधारणा — ‘इक’ तद्धित प्रत्यय
प्रत्यय वह शब्दांश है जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है। ‘इक’ संस्कृत से आया तद्धित प्रत्यय है, जो संज्ञा से ‘…से संबंधित’ अर्थ वाला विशेषण बनाता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह जुड़ते समय मूल शब्द के प्रथम स्वर में वृद्धि कर देता है — अ → आ, इ/ई → ऐ, उ/ऊ → औ। उदाहरण: समाज → सामाजिक, इतिहास → ऐतिहासिक, नीति → नैतिक, उद्योग → औद्योगिक।
प्रयोग — प्रस्तुत शब्दों पर
मूल शब्द लीजिए — ‘धर्म’, जो भाववाचक संज्ञा है।
प्रथम स्वर ‘अ’ में वृद्धि कीजिए: ध् + अ → ध् + आ, अर्थात् ‘धा’।
शेष वर्णों के साथ अंत में ‘इक’ जोड़िए: धा + र्म + इक।
प्राप्त रूप — धार्मिक, अर्थ ‘धर्म से संबंधित’; यह विशेषण है और मानक हिंदी में प्रचलित है।
तुलना — प्रत्येक शब्द की प्रचलित व्युत्पत्ति
शब्द | प्रचलित प्रत्यय | बना हुआ रूप |
|---|---|---|
धर्म | इक (वृद्धि सहित) | धार्मिक |
सुख | ई / द | सुखी, सुखद |
दुख | ई / द | दुखी, दुखद |
पाप | ई / इष्ठ | पापी, पापिष्ठ |
अर्थात् दिए गए शब्दों में ‘इक’ प्रत्यय ‘धर्म’ के साथ जुड़ता है और मानक हिंदी का प्रचलित विशेषण ‘धार्मिक’ बनता है; शेष तीनों शब्द अपने प्रचलित विशेषण-रूप ‘ई’, ‘द’ या ‘इष्ठ’ प्रत्यय से बनाते हैं। अतः उत्तर ‘धर्म’ है।