‘रमणीय’ में कौन-सा प्रत्यय है ?
2016
‘रमणीय’ में कौन-सा प्रत्यय है ?
Answer: A. अनीय — संकल्पना: प्रत्यय वह शब्दांश है जो किसी धातु अथवा शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द गढ़ता है। धातु के अंत में लगने वाले प्रत्यय कृत् प्रत्यय कहलाते हैं और…
- A.
अनीय
- B.
ईय
- C.
रम
- D.
णीय
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Correct answer: A
संकल्पना: प्रत्यय वह शब्दांश है जो किसी धातु अथवा शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द गढ़ता है। धातु के अंत में लगने वाले प्रत्यय कृत् प्रत्यय कहलाते हैं और संज्ञा या विशेषण के अंत में लगने वाले तद्धित प्रत्यय।
संस्कृत के णत्व नियम के अनुसार, एक ही शब्द में ऋ, र अथवा ष के बाद आने वाला ‘न’ तभी ‘ण’ हो जाता है जब उनके बीच कोई बाधक वर्ण न पड़े। स्वर तथा क-वर्ग, प-वर्ग, ह, य, व, र जैसे वर्ण बीच में आने पर परिवर्तन होता है, किन्तु च-वर्ग, ट-वर्ग, त-वर्ग, ल् अथवा श् बीच में आ जाए तो ‘न’ अपरिवर्तित रह जाता है। यही नियम कई कृदन्त रूपों की वर्तनी तय करता है।
प्रयोग — ‘रमणीय’ की रचना इस प्रकार होती है:
शब्द का आधार संस्कृत धातु ‘रम्’ है, जिसका अर्थ है — रमना, आनंदित होना।
इस धातु के अंत में कृत् प्रत्यय ‘अनीय’ जोड़ा जाता है: रम् + अनीय।
जोड़ने पर प्राप्त प्रारम्भिक रूप है — रमनीय।
यहाँ ‘र’ के बाद ‘न’ आया है और बीच में केवल ‘म’ है, जो बाधक वर्ण नहीं है; अतः णत्व नियम से ‘न’ का ‘ण’ हो जाता है: रमनीय → रमणीय।
इस प्रकार शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय ‘अनीय’ है और शब्द का अर्थ बनता है — रमने योग्य, सुंदर।
जाँच — ‘अनीय’ प्रत्यय से बने कुछ और शब्द:
शब्द | विच्छेद | णत्व लागू ? |
|---|---|---|
पठनीय | पठ् + अनीय | नहीं — शब्द में ऋ/र/ष ही नहीं |
दर्शनीय | दृश् + अनीय | नहीं — बीच में ‘श’ बाधक है |
रमणीय | रम् + अनीय | हाँ — ‘र’ के बाद, बीच का ‘म’ बाधक नहीं |
श्रवणीय | श्रु + अनीय | हाँ — ‘र’ के बाद, बीच का ‘व’ बाधक नहीं |
अन्य शब्दांशों से अंतर:
‘ईय’ तद्धित प्रत्यय है और संज्ञा के अंत में लगता है (भारत + ईय = भारतीय)। कुछ पुस्तकें ‘रमण + ईय’ जैसा सतही विच्छेद भी दिखाती हैं, किन्तु व्याकरण-सम्मत तथा परीक्षा-मान्य विच्छेद धातु-आधारित ‘रम् + अनीय’ ही है।
‘रम’ धातु ‘रम्’ का ही हलन्त-रहित लेखन-रूप है, प्रत्यय नहीं; प्रत्यय तो धातु के बाद जोड़ा जाने वाला अंश होता है।
‘णीय’ स्वतंत्र प्रत्यय नहीं है; यह ध्वनि ‘अनीय’ के ‘न’ पर णत्व नियम लगने से बनती है।
निष्कर्ष: ‘रमणीय’ में प्रयुक्त प्रत्यय ‘अनीय’ है (रम् + अनीय = रमणीय)।