'बुद्धिहीन' शब्द व्याकरण की दृष्टि से किस संवर्ग में है ?
2016
'बुद्धिहीन' शब्द व्याकरण की दृष्टि से किस संवर्ग में है ?
Answer: C. विशेषण — संकल्पना — हिंदी व्याकरण में शब्दों को उनके प्रयोग और कार्य के आधार पर आठ शब्द-भेदों में बाँटा जाता है: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रियाविशेषण,…
- A.
संज्ञा
- B.
सर्वनाम
- C.
विशेषण
- D.
क्रिया
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Correct answer: C
संकल्पना — हिंदी व्याकरण में शब्दों को उनके प्रयोग और कार्य के आधार पर आठ शब्द-भेदों में बाँटा जाता है: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक। इनमें विशेषण वह शब्द-भेद है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता — गुण, दोष, संख्या या परिमाण — बताता है और उसी संज्ञा/सर्वनाम के साथ जुड़कर आता है।
नियम — किसी संज्ञा के अंत में अभाव-सूचक 'हीन' प्रत्यय जोड़ने पर बना शब्द उस संज्ञा-सूचित गुण के न होने की विशेषता बताता है, अतः वह विशेषण बन जाता है — जैसे गुण + हीन = गुणहीन, दया + हीन = दयाहीन, बल + हीन = बलहीन।
प्रयोग — 'बुद्धिहीन' शब्द 'बुद्धि' (संज्ञा) + 'हीन' (प्रत्यय) से बना है और यह किसी व्यक्ति या वस्तु में बुद्धि के अभाव की विशेषता बताता है। वाक्य में देखिए — "वह एक बुद्धिहीन व्यक्ति है": यहाँ 'बुद्धिहीन' 'व्यक्ति' संज्ञा की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।
जाँच — विशेषण की पहचान का प्रश्न है 'कैसा?'। "वह कैसा व्यक्ति है?" का उत्तर "बुद्धिहीन" मिलता है, न कि 'कौन?/क्या?' (संज्ञा), 'किसके स्थान पर?' (सर्वनाम) या 'क्या कर रहा है?' (क्रिया) का। नीचे चारों शब्द-भेदों की तुलना देखिए:
शब्द-भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
संज्ञा | किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम; 'कौन?/क्या?' का उत्तर | पुस्तक, नगर, मिठास |
सर्वनाम | ज्ञात संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त; सीमित शब्द-समूह | मैं, तुम, वह, कोई |
विशेषण | संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता; 'कैसा?/कितना?' का उत्तर | सुंदर, चतुर, बुद्धिहीन |
क्रिया | कार्य के होने/करने का बोध; काल के अनुसार रूप-परिवर्तन | पढ़ना, जाना, सोचना |
निष्कर्ष — व्याकरण की दृष्टि से 'बुद्धिहीन' विशेषण संवर्ग का शब्द है।