भाषा सिखाने का सही क्रम है :

2016

भाषा सिखाने का सही क्रम है :

Answer: B. श्रवण करना, बोलना, पढ़ना, लिखनासंकल्पना: भाषा-अर्जन में ग्रहणात्मक कौशल उत्पादक कौशल से पहले विकसित होते हैं, और मौखिक कौशल लिखित कौशल से पहले। भाषा-शिक्षण इसी प्राकृतिक क्रम का अनुसरण करता…

  1. A.

    बोलना, श्रवण करना, पढ़ना, लिखना

  2. B.

    श्रवण करना, बोलना, पढ़ना, लिखना

  3. C.

    बोलना, पढ़ना, श्रवण करना, लिखना

  4. D.

    श्रवण करना, पढ़ना, बोलना, लिखना

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Correct answer: B

संकल्पना: भाषा-अर्जन में ग्रहणात्मक कौशल उत्पादक कौशल से पहले विकसित होते हैं, और मौखिक कौशल लिखित कौशल से पहले। भाषा-शिक्षण इसी प्राकृतिक क्रम का अनुसरण करता है, जिसे LSRW क्रम कहा जाता है — श्रवण, भाषण, पठन और लेखन।

अनुप्रयोग: कक्षा में यह क्रम इस प्रकार क्रियान्वित होता है —

  1. बालक सबसे पहले अपने परिवेश में बोली जा रही भाषा को सुनता है तथा उसकी ध्वनियों और अर्थ को ग्रहण करता है; यह श्रवण कौशल है।

  2. सुनी हुई ध्वनियों एवं शब्दों का अनुकरण करते हुए वह बोलना आरंभ करता है; यह मौखिक अभिव्यक्ति का कौशल है।

  3. मौखिक भाषा पर पर्याप्त अधिकार हो जाने पर वह लिपि-चिह्नों को पहचानकर उनसे अर्थ ग्रहण करता है; यह पठन कौशल है।

  4. अंत में वह अपने विचारों को लिपि-चिह्नों में व्यक्त करना सीखता है; यह लेखन कौशल है।

प्रति-परीक्षण:

  • जो अनुक्रम बोलने को श्रवण से पहले रखता है, वह उत्पादक कौशल को ग्रहणात्मक कौशल से आगे ले आता है, जबकि बिना सुने बालक भाषा की ध्वनियाँ दोहरा नहीं सकता।

  • जो अनुक्रम पठन को बोलने से पहले रखता है, वह लिपि-चिह्नों को मौखिक दक्षता से आगे ले आता है, जबकि पठन के लिए ध्वनि और चिह्न का संबंध पहले से ज्ञात होना आवश्यक है।

  • जो अनुक्रम श्रवण को तीसरे स्थान पर रखता है, वह भाषा-अर्जन के आधारभूत चरण को बीच में ले जाता है।

अतः भाषा सिखाने का सही क्रम है — श्रवण करना → बोलना → पढ़ना → लिखना।

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