कुणसे पंथ रा अनुयायी मेव मुसलमान घणा है ?

2022

कुणसे पंथ रा अनुयायी मेव मुसलमान घणा है ?

Answer: C. लालदासी पंथमध्यकालीन राजस्थान, विशेषकर मेवात क्षेत्र में, अनेक निर्गुण भक्ति पंथ विकसित हुए जिन्होंने हिंदू-मुस्लिम सामाजिक समन्वय को बढ़ावा दिया। किसी पंथ के अनुयायियों…

  1. A.

    दादू पंथ

  2. B.

    विश्नोई पंथ

  3. C.

    लालदासी पंथ

  4. D.

    गूढ़ पंथ

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Correct answer: C

मध्यकालीन राजस्थान, विशेषकर मेवात क्षेत्र में, अनेक निर्गुण भक्ति पंथ विकसित हुए जिन्होंने हिंदू-मुस्लिम सामाजिक समन्वय को बढ़ावा दिया। किसी पंथ के अनुयायियों का धार्मिक-सामाजिक स्वरूप प्रायः उसके संस्थापक की पृष्ठभूमि तथा जिस क्षेत्र में वह पंथ फैला, वहाँ की सामाजिक संरचना से तय होता है।

लालदासी पंथ के अधिकांश अनुयायी मेव मुसलमान हैं। इस पंथ की स्थापना संत लालदास जी (लालदास महाराज) ने मेवात क्षेत्र में की थी। लालदास जी का जन्म स्वयं एक मेव मुस्लिम परिवार में हुआ था, और उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता, गौ-रक्षा, शाकाहार तथा राम-नाम के जप पर बल दिया। यही कारण है कि इस निर्गुण भक्ति परंपरा के अनुयायियों में मेव मुसलमानों की संख्या सर्वाधिक है।

  • दादू पंथ (संत दादू दयाल, साँभर-आमेर) — अनुयायी मुख्यतः हिंदू समुदाय से।

  • विश्नोई पंथ (गुरु जम्भेश्वर, बीकानेर) — अनुयायी मुख्यतः हिंदू (विश्नोई) समुदाय से।

  • गूढ़ पंथ — जनाधार मुख्यतः स्थानीय हिंदू समुदायों में सीमित, मेव मुस्लिम बहुल नहीं।

अतः दिए गए विकल्पों में केवल लालदासी पंथ ही मेव मुस्लिम बहुल अनुयायी वर्ग वाला पंथ है। संत लालदास जी की समाधि शेरपुर (अलवर, राजस्थान) में स्थित है।

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