सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए : सूची-I (विरोध वर्ग) सूची-II (परिणाम) (A)…
2024
सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए :
सूची-I (विरोध वर्ग) | सूची-II (परिणाम) |
|---|---|
(A) यदि 'E' असत्य है | (I) 'O' अनिर्धारित है |
(B) यदि 'O' सत्य है | (II) 'E' सत्य है |
(C) यदि 'I' असत्य है | (III) 'E' असत्य है |
(D) यदि 'A' सत्य है | (IV) 'E' अनिर्धारित है |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
Answer: D. (A)-(I), (B)-(IV), (C)-(II), (D)-(III) — संकल्पनाविरोध के परंपरागत वर्ग में A और O परस्पर व्याघाती हैं तथा E और I परस्पर व्याघाती हैं: यदि एक सत्य है, तो दूसरा असत्य है, और इसके विपरीत भी।…
- A.
(A)-(II), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(III)
- B.
(A)-(IV), (B)-(III), (C)-(I), (D)-(II)
- C.
(A)-(IV), (B)-(II), (C)-(III), (D)-(I)
- D.
(A)-(I), (B)-(IV), (C)-(II), (D)-(III)
Show answer & explanation
Correct answer: D
संकल्पना
विरोध के परंपरागत वर्ग में A और O परस्पर व्याघाती हैं तथा E और I परस्पर व्याघाती हैं: यदि एक सत्य है, तो दूसरा असत्य है, और इसके विपरीत भी।
अधीनता-संबंध में सत्यता A से I तथा E से O की ओर चलती है, जबकि असत्यता ऊपर की ओर संचरित होती है; इसका प्रतिलोम अनुमान मान्य नहीं होता।
अनुप्रयोग
यदि E असत्य है, तो व्याघात के आधार पर I सत्य है। इससे O निर्धारित नहीं होता; अतः कथन A का परिणाम I से सुमेलन होता है।
यदि O सत्य है, तो व्याघात के आधार पर A असत्य है। इससे E निर्धारित नहीं होता; अतः कथन B का परिणाम IV से सुमेलन होता है।
यदि I असत्य है, तो व्याघात के आधार पर E सत्य है; अतः कथन C का परिणाम II से सुमेलन होता है।
यदि A सत्य है, तो E असत्य है, क्योंकि विपरीत कथन दोनों एक साथ सत्य नहीं हो सकते; अतः कथन D का परिणाम III से सुमेलन होता है।
पुनः-जाँच
दी गई स्थिति | निश्चित निष्कर्ष | सूची-II का परिणाम |
|---|---|---|
E असत्य है | I सत्य है; O अनिर्धारित है | I |
O सत्य है | A असत्य है; E अनिर्धारित है | IV |
I असत्य है | E सत्य है | II |
A सत्य है | E असत्य है | III |
व्याघाती युग्म E-असत्य से I-सत्य, O-सत्य से A-असत्य तथा I-असत्य से E-सत्य के निष्कर्षों की व्याख्या करते हैं। विपरीत संबंध स्वतंत्र रूप से A-सत्य से E-असत्य के निष्कर्ष की पुष्टि करता है।
अतः स्वीकृत सुमेलन (A)-(I), (B)-(IV), (C)-(II), (D)-(III) है।