निम्नलिखित में से कौन, 1952 में लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष (स्पीकर) बने?
2025
निम्नलिखित में से कौन, 1952 में लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष (स्पीकर) बने?
Answer: D. जी. वी. मावलंकर — संकल्पना — अध्यक्ष लोकसभा का पीठासीन अधिकारी होता है। अनुच्छेद 93 के अनुसार, सदन के गठन के बाद उसे "यथाशीघ्र" अपने दो सदस्यों को क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष…
- A.
एम. ए. अय्यंगार
- B.
हुकम सिंह
- C.
नीलम संजीव रेड्डी
- D.
जी. वी. मावलंकर
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Correct answer: D
संकल्पना — अध्यक्ष लोकसभा का पीठासीन अधिकारी होता है। अनुच्छेद 93 के अनुसार, सदन के गठन के बाद उसे "यथाशीघ्र" अपने दो सदस्यों को क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनना होता है तथा उस निर्वाचन तक प्रोटेम अध्यक्ष बैठकों की अध्यक्षता करता है। अतः "प्रथम अध्यक्ष" के बारे में पूछने का आशय यह पूछना है कि लोकसभा ने अपने अस्तित्व में आने के कुछ ही समय बाद अध्यक्ष पद के लिए सबसे पहले किसे निर्वाचित किया था।
अनुप्रयोग — प्रथम लोकसभा का गठन 1951–52 के आम चुनावों के बाद हुआ और उसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई। इसके दो दिन बाद, 15 मई 1952 को गणेश वासुदेव मावलंकर अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुए और फरवरी 1956 में अपनी मृत्यु तक सदन की अध्यक्षता करते रहे। इससे पूर्व वह अनंतिम संसद की अध्यक्षता कर चुके थे; उस अनुभव को उन्होंने नए सदन में उपयोग किया और अध्यक्ष पद से संबंधित अधिकांश प्रक्रियाओं तथा परंपराओं की नींव रखी, जिनका आज भी पालन किया जाता है। इसी कारण उन्हें "लोकसभा के जनक" के रूप में स्मरण किया जाता है।
जाँच — प्रारंभिक लोकसभाओं में अध्यक्ष पद के हस्तांतरण का क्रम:
पीठासीन अधिकारी | अध्यक्ष पद पर कार्यकाल |
|---|---|
जी. वी. मावलंकर | 1952 – 1956 |
एम. ए. अय्यंगार | 1956 – 1962 |
हुकम सिंह | 1962 – 1967 |
नीलम संजीव रेड्डी | 1967 – 1969, और पुनः 1977 में |
उस उत्तराधिकार-क्रम में 1952 के सामने केवल एक ही नाम है; अतः लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष जी. वी. मावलंकर थे।