राजभाषाओं को भारतीय संविधान की निम्नलिखित में से किस अनुसूची में परिभाषित किया…
2025
राजभाषाओं को भारतीय संविधान की निम्नलिखित में से किस अनुसूची में परिभाषित किया गया है?
Answer: A. आठवीं — अवधारणाभारत का संविधान अपनी विस्तृत सूचियों और सारणियों को अनुच्छेदों से अलग रखकर अनुसूचियों में देता है—ये मूल पाठ के अंत में संलग्न परिशिष्ट हैं और प्रत्येक…
- A.
आठवीं
- B.
तीसरी
- C.
चौथी
- D.
छठी
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Correct answer: A
अवधारणा
भारत का संविधान अपनी विस्तृत सूचियों और सारणियों को अनुच्छेदों से अलग रखकर अनुसूचियों में देता है—ये मूल पाठ के अंत में संलग्न परिशिष्ट हैं और प्रत्येक अनुसूची उससे संबंधित अनुच्छेद या अनुच्छेदों से जुड़ी है। अतः किसी अनुसूची की पहचान करने का अर्थ उस एकमात्र विषय-वस्तु की पहचान करना है जिसके लिए वह समर्पित है।
संविधान के भाग XVII में भाषा संबंधी उपबंध हैं और भाषाओं की संवैधानिक सूची एक पृथक अनुसूची में दी गई है, जिसका उल्लेख अनुच्छेद 344(1) और अनुच्छेद 351 में है।
अनुप्रयोग
प्रश्न में उस अनुसूची के बारे में पूछा गया है जिसमें संविधान की भाषाओं की सूची दी गई है—वह सूची जिसे भारतीय सार्वजनिक परीक्षाओं में राजभाषाओं अथवा अनुसूचित भाषाओं की सूची कहा जाता है।
अनुच्छेद 344(1) के अनुसार राष्ट्रपति को एक राजभाषा आयोग गठित करना होता है, जिसके सदस्य आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट भाषाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अनुच्छेद 351 संघ को आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट भाषाओं के रूपों, शैली और पदों को आत्मसात करके हिंदी को समृद्ध करने का निर्देश देता है।
दोनों अनुच्छेद उसी परिशिष्ट की ओर संकेत करते हैं, जिसे संविधान के आधिकारिक पाठ में केवल “भाषाएँ” शीर्षक दिया गया है—आठवीं अनुसूची।
संविधान के प्रारंभ के समय इसमें 14 भाषाएँ थीं; 21वें संविधान संशोधन (1967) द्वारा सिंधी, 71वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली तथा 92वें संविधान संशोधन (2003) द्वारा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली जोड़ी गईं, जिससे कुल संख्या 22 हो गई।
तुलना
तीसरी अनुसूची मंत्रियों, विधायकों, न्यायाधीशों तथा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के लिए शपथ और प्रतिज्ञान के शब्दशः प्रारूप निर्धारित करती है।
चौथी अनुसूची राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के बीच राज्य सभा की सीटों का आवंटन करती है।
छठी अनुसूची स्वायत्त जिला परिषदों और प्रादेशिक परिषदों के माध्यम से असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन का उपबंध करती है।
पुनःपरीक्षण
कठोर पाठगत अर्थ में संघ की राजभाषा भाग XVII के अनुच्छेद 343 द्वारा निर्धारित की गई है, जबकि आठवीं अनुसूची मान्यताप्राप्त अथवा अनुसूचित भाषाओं को सूचीबद्ध करती है; भारतीय प्रतियोगी परीक्षाएँ इस अनुसूचित सूची को राजभाषाओं की सूची मानती हैं। दिए गए चार परिशिष्टों में केवल आठवीं अनुसूची ही भाषाओं से संबंधित है, इसलिए यही अभिप्रेत और सर्वाधिक समर्थित उत्तर है।
निष्कर्ष
भाषाएँ भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध हैं, जिसमें वर्तमान में 22 भाषाओं के नाम हैं।