निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त…
2023
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
दिन भर हमारा प्राण गहरे से बहना चाहिए । यदि पेट के नीचे कंद स्थान से प्राण का बहना सुनिश्चित कर लिया जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है । लेकिन अधिकतर हमारा प्राण छाती से शुरू करके छोटी सी यात्रा करके रह जाता है । उसका गहरे से बहना नहीं हो पाता । यदि हम दिन में जब भी याद आए, तभी अपने प्राण को धीमा और गहरा भरना शुरू कर दें तो ख़ुद को ऊर्जावान, प्राणवान, शक्तिवान और शांत स्वभाव का अनुभव करने लगेंगे । हमारे भीतर धैर्य और रचनात्मकता बढ़ने लगेगी । मन का तनाव समाप्त हो जाएगा । भय, घबराहट से मुक्ति मिल जाएगी । साथ ही यह अभ्यास ध्यान की गहराइयों में ले जाने में भी सहायक होगा ।
'सुनिश्चित' में उपसर्ग और मूल शब्द है :
Answer: B. सु + निश्चित — हिंदी/संस्कृत शब्द-रचना में उपसर्ग वह शब्दांश होता है जो किसी मूल शब्द से पहले जुड़कर उसका अर्थ बदलता या विशिष्ट बनाता है। मूल शब्द स्वयं एक स्वतंत्र और…
- A.
सुनिश्चि + त
- B.
सु + निश्चित
- C.
स + निश्चित
- D.
सुनि + श्चित
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Correct answer: B
हिंदी/संस्कृत शब्द-रचना में उपसर्ग वह शब्दांश होता है जो किसी मूल शब्द से पहले जुड़कर उसका अर्थ बदलता या विशिष्ट बनाता है। मूल शब्द स्वयं एक स्वतंत्र और सार्थक शब्द होता है, जबकि उपसर्ग सामान्यतः अकेले प्रयोग नहीं होता। सही उपसर्ग-मूल शब्द विभाजन में दोनों खंडों को जोड़ने पर मूल शब्द की सही वर्तनी (मात्राओं सहित) ठीक-ठीक प्राप्त होनी चाहिए।
'सुनिश्चित' शब्द में 'सु' एक सुपरिचित संस्कृत उपसर्ग है, जो सुरक्षा, सुविचार, सुगंध जैसे अनेक शब्दों में भी प्रयुक्त होता है और जिसका अर्थ 'भली-भांति/अच्छी तरह से' है। इसके बाद जुड़ने वाला भाग 'निश्चित' स्वयं एक स्वतंत्र और सार्थक शब्द है, जिसका अर्थ 'तय/पक्का' होता है। 'सु' और 'निश्चित' को जोड़ने पर ठीक 'सुनिश्चित' शब्द बनता है, जिसकी वर्तनी और मात्राएँ मूल शब्द से पूरी तरह मेल खाती हैं।
सुनिश्चि + त: 'त' कोई मान्य स्वतंत्र मूल शब्द या प्रचलित उपसर्ग नहीं है, और 'सुनिश्चि' का भी स्वतंत्र शाब्दिक अर्थ नहीं है, इसलिए यह विभाजन अस्वीकार्य है।
स + निश्चित: 'स' एक वैध उपसर्ग है (जैसे सपरिवार, सजल में), परंतु 'स' और 'निश्चित' को जोड़ने पर 'सनिश्चित' बनता है — 'उ' की मात्रा न जुड़ने से यह मूल शब्द 'सुनिश्चित' की वर्तनी से मेल नहीं खाता।
सुनि + श्चित: 'सुनि' और 'श्चित' — इनमें से कोई भी हिंदी/संस्कृत में मान्यता-प्राप्त उपसर्ग या स्वतंत्र मूल शब्द नहीं है।
अतः वर्तनी और अर्थ दोनों दृष्टि से सही विभाजन 'सु + निश्चित' है, जिसकी पुष्टि CBSE की आधिकारिक CTET 2023 पेपर 2 उत्तर कुंजी से भी होती है।