निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : आकाश का साफ़ा…

2019

निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

आकाश का साफ़ा बाँधकर
सूरज की चिलम खींचता
बैठा है पहाड़
घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी
पास ही दहक रही है
पलाश के जंगल की अंगीठी
अंधकार दूर पूर्व में
सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा
अचानक बोला मोर
जैसे किसी ने आवाज़ दी -
‘अजी सुनते हो।’
चिलम औंधी
धुआँ उठा
सूरज डूबा
अँधेरा छा गया।

अंधकार के सिमटकर बैठे होने का कारण है

Answer: C. अभी सूर्यास्त नहीं हुआ।अवधारणा: काव्यांश-आधारित 'कारण' प्रश्नों में उत्तर काव्यांश में दिए गए ठोस बिंबों और घटनाक्रम से निकाला जाता है, न कि बाहरी अनुमान से। बिंब में वर्णित समय,…

  1. A.

    अभी सूर्योदय नहीं हुआ।

  2. B.

    किसान आग सेंक रहा है।

  3. C.

    अभी सूर्यास्त नहीं हुआ।

  4. D.

    स्थान का अभाव है।

Attempted by 7 students.

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Correct answer: C

अवधारणा: काव्यांश-आधारित 'कारण' प्रश्नों में उत्तर काव्यांश में दिए गए ठोस बिंबों और घटनाक्रम से निकाला जाता है, न कि बाहरी अनुमान से। बिंब में वर्णित समय, स्थान अथवा क्रिया की स्थिति को पहचानकर ही किसी घटना (जैसे अंधकार का सिमटना) का कारण निर्धारित किया जाता है।

अनुप्रयोग:

  1. काव्यांश में पहाड़ को आकाश का साफ़ा बाँधकर और सूरज को चिलम की तरह खींचते हुए 'बैठा' दिखाया गया है, अर्थात् सूरज अभी आकाश में मौजूद है।

  2. इसी बिंब के साथ कहा गया है — 'अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा' — अर्थात् अंधकार अभी पूरे दृश्य में नहीं फैला, केवल पूर्व दिशा में सिमटा है।

  3. काव्यांश के अंत में अलग से बताया गया है — 'चिलम औंधी, धुआँ उठा, सूरज डूबा, अँधेरा छा गया' — अर्थात् अंधकार पूरी तरह तभी फैलता है जब सूरज डूब चुका होता है।

  4. इस क्रम से स्पष्ट होता है कि जब तक सूरज आकाश में है, अंधकार सिमटा हुआ, सीमित रूप में ही रहता है।

निकटतम विकल्पों से तुलना:

  • 'अभी सूर्योदय नहीं हुआ' — यह प्रातःकाल की स्थिति है, जबकि काव्यांश सांझ का दृश्य वर्णित करता है (पहाड़ द्वारा सूरज को चिलम की तरह खींचा जाना, बाद में सूर्यास्त)।

  • 'किसान आग सेंक रहा है' — काव्यांश में गर्मी के स्रोत के रूप में केवल पलाश के जंगल की 'अंगीठी' का उल्लेख है, किसी किसान का नहीं।

  • 'स्थान का अभाव है' — काव्यांश में अंधकार का सिमटना समय और घटनाक्रम (सूर्यास्त-पूर्व) से जुड़ा है, भौतिक स्थान की सीमा से नहीं।

  • 'अभी सूर्यास्त नहीं हुआ' — काव्यांश की पंक्तियों के क्रम (सक्रिय सूरज → सिमटा अंधकार → सूर्यास्त → फैला अंधकार) से यह विकल्प संगत है।

अतः सही उत्तर है: 'अभी सूर्यास्त नहीं हुआ।'

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